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मंदिर के सामने शराब बिक्री, ठेकेदार के रसूख से नतमस्तक अधिकारी

  • आबकारी विभाग के अधिकारियों की शह पर चल रहा ठेका
  • धर्मप्रेमी लोगों की मांग के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई

शिवगंज. शहर के केरलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नगर पालिका की भूमि पर लम्बे समय से सरकारी शराब का ठेका चल रहा है। आबकारी विभाग के अधिकारियों की शह के कारण देर रात तक बेरोकटोक शराब बिक्री हो रही है। ठेकेदार अपना रसूख दिखाते हुए नियम-कायदों को ताक पर रख रहा है। मंदिर के सामने चल रहे इस ठेके को हटाने के लिए पूर्व में धर्म प्रेमी लोगों ने मांग भी उठाई थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंदिर के सामने शराब ठेका चलने से श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के आगे आबकारी विभाग के अधिकारी भी नतमस्तक बने हुए हैं

पालिका की जमीन पर चल रहा ठेका
जानकारी के अनुसार क्रांति सर्किल से सुमेरपुर जाने वाले मार्ग और केरलेश्वर महादेव मंदिर के सामने आबकारी विभाग ने शराब का ठेका स्वीकृत किया था। यह ठेका जिस जमीन पर चल रहा है, वह जमीन भी नगर पालिका की बताई जा रही है। शराब ठेका संचालक के प्रभावशाली व्यक्ति होने की वजह से न तो आबकारी विभाग और न ही प्रशासन कुछ बोलने को तैयार है।

भूमि दस्तावेज की जांच से उजागर होगी मिलीभगत
उधर, यह भी बताया जा रहा है कि ठेका जिस जगह चल रहा है वह भूमि किसी की खातेदारी में है। दूसरी ओर कोई इसे पालिका की भूमि भी बता रहा है। चाहे जो भी हो, लेकिन इतना तय है कि पालिका की भूमि स्वायत्त शासन विभाग के अधीन है तो निजी खातेदारी भी कृषि भूमि है। जबकि, भूमि के इन दोनों प्रकारों पर व्यवसायिक गतिविधियां नहीं हो सकती। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि इस भूमि पर शराब ठेका संचालित करने के लिए ठेकेदार ने किस तरह के दस्तावेज जमा कराए और अधिकारियों ने किस आधार पर यहां ठेका संचालन की स्वीकृति जारी की।

यहीं बैठकर जाम छलकाते हैं शौकीन
बताया जा रहा है कि शराब ठेका संचालक ने पास ही तिरपाल बांध कर बैठने की व्यवस्था भी कर दी है। आसपास अंग्रेजी बबूल की झाडिय़ां होने से शौकीन लोग यहीं बैठकर शराब पीते हंै। ऐसे में यहां हर समय शराबियों का जमघट लगा रहता है। इस ठेके को लेकर पूर्व में श्रद्धालुओं की ओर से शिकायत की गई थी, लेकिन ठेकेदार प्रभावशाली होने से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसलिए कार्रवाई से कतरा रहे अधिकारी
बताया जा रहा है कि ठेका संचालक कुछ साल तक सिरोही व पाली में एक नामचीन समाचार पत्र में कार्यरत रहा है। आबकारी विभाग के अधिकारियों को समाचार पत्र का हवाला देकर अपने रसूख दिखाता है, जिससे नियम-कायदों को ताक पर रखे जाने पर भी अधिकारी कार्रवाई करने से कतराते हैं। ठेकेदार के रसूख के आगे आबकारी विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

ठेका संचालकों पर कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत होने से ठेकेदार को कार्रवाई का भय नहीं है। रात्रि आठ बजे ठेके बंद करने का प्रावधान होने पर भी इस जगह देर रात को भी आसानी से शराब मिल जाती है। शहर में निर्धारित समय बाद हो रही शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए जाने एवं नियमों के विपरित शराब बेच रहे ठेका संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की शहरवासियों ने मांग की है।

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