- महाकुंभ में भीड़ की लगातार बढ़ती जा रही है
- श्रद्धालुओं को 15 से 20 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।
- संगम स्टेशन को 14 फरवरी तक बंद कर दिया गया है।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। संगम तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर भारी जाम लगा हुआ है। वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और रीवा से प्रयागराज आने-जाने वाले रास्तों पर करीब 25 किमी तक गाड़ियां धीमी रफ्तार से चल रही हैं। संगम में स्नान करने आए और लौट रहे श्रद्धालु भूखे-प्यासे जाम खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
लाखों की भीड़ और बड़ी संख्या में मेले की ओर आ रहे वाहनों से सभी प्रमुख रास्ते जाम हो चुके हैं। पुलिस ने मेले के अंदर अधिकांश पीपा पुल बंद कर रखे हैं। जाम से जूझते श्रद्धालुओं का कहना है कि ये दुश्वारियां वीवीआईपी कल्चर के चलते बढ़ गई हैं। संगम तट पर पहुंचने के लिए 15 से 20 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।

इमरजेंसी क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू
प्रयागराज जंक्शन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इमरजेंसी क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने जानकारी दी कि 14 फरवरी तक प्रयागराज संगम स्टेशन को बंद रखा जाएगा।

वन-वे मूवमेंट की व्यवस्था
प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ के दबाव को देखते हुए वन-वे मूवमेंट लागू किया गया है। रेलवे डिवीजन के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि मुख्य स्नान पर्वों की व्यवस्था के अनुरूप, यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर शहर की तरफ से ही एंट्री मिलेगी, जबकि सिविल लाइंस की ओर प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 10 से एग्जिट की अनुमति होगी। तीर्थयात्रियों को केवल कलर-कोडेड टिकट के जरिए ही प्लेटफॉर्म तक पहुंचने दिया जाएगा।

वहीं हरियाणा से दोस्तों के साथ महाकुंभ स्नान के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु साहिल वर्मा ने बताया- ये सनातन धर्म का सबसे बड़ा मेला है तो यहां भारी संख्या में लोगों का पहुंचना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। लोगों को धैर्य रखना चाहिए। भीड़ की वजह से बच्चों और बुजुर्ग लोगों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन संगम में स्नान करते ही सारी थकान मिट जाती है। प्रशासन और सरकार व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए अपना 100 प्रतिशत योगदान दे रही है।

ट्रेन के इंजन में चढ़ गई महिलाएं
महाकुंभ जा रही ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है। वाराणसी में जगह न मिलने पर कुछ महिलाओं ने ट्रेन के इंजन में बैठकर गेट बंद कर लिया, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर बाहर निकाला। हरदोई में कोच का गेट न खोलने पर श्रद्धालुओं ने हंगामा किया और ट्रेन में तोड़फोड़ भी की।
दरअसल, काशी के प्राचीन मंदिर, गंगा घाट के अलावा रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर खड़ी एक ट्रेन के इंजन में ही करीब 1 दर्जन से अधिक श्रद्धालु सफर करने के लिए चढ़ गए। इसके बाद जीआरपी के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह श्रद्धालुओं को ट्रेन के इंजन से उतारकर अन्य बोगी में बैठने की सलाह दी गई।
अखिलेश बोले- कुंभ के दौरान सरकार टोल-फ्री करे
कन्नौज के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं से अखिलेश यादव ने मुलाकात की। उन्होंने यूपी सरकार से महाकुंभ के दौरान वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग की, ताकि यात्रा में बाधाएं कम हों और जाम की समस्या से राहत मिले।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब फ़िल्मों को मनोरंजन कर से मुक्त किया जा सकता है तो महाकुंभ के महापर्व पर गाड़ियों को कर मुक्त क्यों नहीं?’ महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण प्रयागराज की ओर जाने वाली सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है।