- डेढ़ करोड़ का सोना कब्जे में रखने पर डीएसपी सस्पेंड।
- जांच के बाद डीएसपी और दो कॉन्स्टेबल निलंबित।

पाली जिले के सोजत सिटी में डेढ़ करोड़ के सोने को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए अपने कब्जे में रखने के मामले में डीएसपी अनिल सारण को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके साथ दो कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह और अशोक मीणा को भी निलंबित किया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यूआर साहू के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
सोने का बिना बिल कब्जे में रखना बना वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि डीएसपी सारण ने 1 किलो 660 ग्राम सोने (कीमत करीब डेढ़ करोड़) को ज्वेलरी कारोबारी से लिया था। उन्होंने सोने का बिल न होने का हवाला देते हुए इसे अपने कब्जे में रखा, लेकिन इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। न ही मामले में कानूनी कार्रवाई की गई।

पूरा मामला क्या है?
नागौर के डेगाणा निवासी मनीष शर्मा चेन्नई में ज्वेलरी का व्यापार करता है। अक्टूबर में वह 1 किलो 660 ग्राम सोना लेकर सोजत सिटी के सेहवाज गांव आया। इस बारे में डीएसपी अनिल सारण को सूचना मिली। उन्होंने मनीष को बुलाकर सोने का बिल मांगा। बिल न होने पर उन्होंने सोना चोरी का बताकर अपने पास रख लिया।
कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले की शिकायत पीड़ित ने सीधे एसपी से नहीं की। लेकिन एसपी चूनाराम जाट को मुखबिर के जरिए जानकारी मिली। एसपी ने अपने स्तर पर जांच करवाई और मामला सही पाए जाने पर डीजीपी को पत्र लिखा। डीजीपी के आदेश के बाद डीएसपी सारण और दोनों कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया।
डीएसपी सारण का बैकग्राउंड
अनिल सारण राजस्थान के सांचौर जिले के करावड़ी गांव के निवासी हैं। उन्होंने 2016 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में 74वीं रैंक हासिल की थी। उनकी पहली पोस्टिंग पाली सीओ सिटी के रूप में हुई थी। सोजत सिटी सीओ का चार्ज उन्होंने 7 अक्टूबर 2024 को संभाला था।