- सिरोही जिले को बजट में अनदेखा किया गया।
- संविदाकर्मियों को नियमित करने पर वादा नहीं निभाया।

पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने भाजपा सरकार के दूसरे बजट को दिशाहीन, लक्ष्यहीन और दृष्टिहीन बताया। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट में सिरोही जिले को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। बजट में बेरोजगारी और महंगाई से राहत देने का कोई विजन नहीं है।
संयम लोढ़ा ने आरोप लगाया कि इन्वेस्टर समिट में बड़े उद्योगपतियों को बुलाकर उनके सपने दिखाए गए, लेकिन बजट में उद्योगों को किसी भी तरह की राहत देने की योजना नहीं है। इसके चलते उद्योगपतियों में निराशा का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण की कोई योजना इस बजट में नहीं दिखाई देती।
‘गहलोत सरकार की योजनाओं पर कैंची‘
लोढ़ा ने कहा कि गहलोत सरकार द्वारा चलाई जा रही शहरी गरीबों की रोजगार गारंटी योजना का बजट नहीं बढ़ाया गया। इससे योजना बंद होने की स्थिति बन रही है। साथ ही, मुफ्त बिजली की योजना में शर्तें जोड़कर प्रदेश की जनता को इससे वंचित किया जा रहा है।
‘संविदाकर्मियों और पेट्रोलियम पर वादाखिलाफी‘
संविदाकर्मियों को नियमित करने के भाजपा के वादे पर भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। लोढ़ा ने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वेट की समीक्षा का वादा किया गया था, लेकिन टैक्स की दरें गुजरात से ज्यादा होने के कारण राजस्थान के पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं।
‘बजरी माफिया और बजट की खामियां‘
उन्होंने कहा कि बजरी माफिया की लूट को रोकने के लिए भी बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कुल मिलाकर यह बजट प्रदेश की जनता के लिए निराशाजनक है।