- सिरोही नस्ल सुधार से बकरी पालकों की आय में वृद्धि होगी।
- जागरूकता कार्यक्रम में 150 ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

सिरोही जिले के पिंडवाड़ा ब्लॉक के मालेरा गांव में बकरी पालकों की आय बढ़ाने और सिरोही नस्ल की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस पहल को सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस और समृद्धि एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर कंपनी ने मिलकर आयोजित किया। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 150 लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की संयोजक हेमलता रावत ने बताया कि सिरोही नस्ल की बकरियों के नस्ल सुधार के लिए यह एक समुदाय-आधारित प्रयास है। इसके तहत बकरियों को टैग लगाकर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से बकरियों के प्रजनन और उनकी उत्पादन क्षमता में सुधार लाने का लक्ष्य है।
नस्ल सुधार के लिए अपनाई गई विशेष रणनीति
नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत उन बकरों को रेवड़ में रखा जा रहा है जिनके गुण उत्कृष्ट हैं। वहीं, अवांछित बकरों का बधियाकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत बकरों और बकरियों को क्रॉस कराया जाएगा, जिससे सिरोही नस्ल की गुणवत्ता और बकरी पालकों की आय में वृद्धि होगी।