- लाइब्रेरी में 56 हजार से अधिक किताबें उपलब्ध हैं।
- ई-लाइब्रेरी सुविधा के कारण छात्रों की संख्या बढ़ी।

सिरोही के मुख्य पैलेस रोड स्थित अहिंसा सर्कल के पास संचालित सारणेश्वरजी लाइब्रेरी छात्रों और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान बन चुकी है। 56 हजार से अधिक किताबों और ई-लाइब्रेरी की सुविधा ने इसे आधुनिक और उपयोगी बना दिया है। यह लाइब्रेरी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है और जिले की सबसे पुरानी ऐतिहासिक लाइब्रेरी मानी जाती है।
लाइब्रेरी में हिंदी और अंग्रेजी की दुर्लभ किताबों का संग्रह है, जिनमें 100 साल पुरानी पुस्तकें भी शामिल हैं। ई-लाइब्रेरी सुविधा जुड़ने के बाद छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यहां 250 से अधिक बैठने की क्षमता, 20 कंप्यूटर, मुफ्त वाई-फाई और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है।
स्टूडेंट्स और शहरवासियों के लिए विशेष व्यवस्था
लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था है। मात्र 70 रुपए वार्षिक शुल्क में सदस्यता ली जा सकती है, जिससे 15 दिनों के लिए पुस्तकें घर ले जाने की सुविधा मिलती है। देरी से पुस्तक लौटाने पर डेढ़ गुना जुर्माना देना होता है।
लाइब्रेरी अध्यक्ष प्रदीप सिंह राठौड़ ने बताया कि परीक्षा के दिनों में छुट्टी के बावजूद लाइब्रेरी खुली रहती है। यहां छात्रों के लिए टेस्ट आयोजित किए जाते हैं और प्रतियोगिताओं की तैयारी में भी सहायता दी जाती है।
शांत और अध्ययन के लिए आदर्श माहौल
परामर्शदाता रेनू शर्मा के अनुसार, अधिकतर छात्र-छात्राएं बताते हैं कि घर से बेहतर माहौल उन्हें लाइब्रेरी में मिलता है। पढ़ाई में व्यवधान से बचने के लिए वे यहां अधिक समय बिताते हैं और अपना भोजन भी साथ लाते हैं।