- राजस्थान विधानसभा में इंदिरा गांधी पर टिप्पणी को लेकर विवाद जारी।
- सचिन पायलट बोले- ‘सरकार माफी मांगे वरना कांग्रेस भी पीछे नहीं हटेगी।’

राजस्थान की सियासत में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा में जारी गतिरोध के बीच अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट भी खुलकर सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार सदन को सुचारू रूप से चलाना चाहती है तो मंत्री को माफी मांगनी होगी, वरना कांग्रेस भी पीछे हटने वाली नहीं है।
विधानसभा में लगातार चौथे दिन गतिरोध जारी
राजस्थान विधानसभा में बीते चार दिनों से सत्र बाधित है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा के मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की। इस पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया और सदन में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके चलते छह कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है।
सचिन पायलट का कड़ा रुख, कहा- सरकार की मंशा ही नहीं सदन चलाने की
सोमवार को कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी सदन में पहुंचे और सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने गतिरोध पर खेद प्रकट किया था, लेकिन जब सरकार की बारी आई, तो उसने माफी से इनकार कर दिया। पायलट ने कहा कि सरकार की मंशा ही नहीं है कि सदन चले, ताकि उनसे कोई सवाल न पूछे जाएं।
‘संसद में बाबा साहेब और विधानसभा में इंदिरा गांधी का अपमान’
पायलट ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “जहां संसद में बाबा साहेब का अपमान किया जाता है, वहीं राजस्थान विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री, जो देश के लिए शहीद हुईं, उनके खिलाफ टिप्पणी की जाती है। मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। लेकिन सरकार ने मंत्री की पीठ थपथपा कर अपनी मंशा साफ कर दी है।”
‘बिना संदर्भ के इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की गई’
पायलट ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान बिना किसी संदर्भ के इंदिरा गांधी का जिक्र किया गया। उन्होंने भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक जिम्मेदार व्यक्ति को मंत्री को बुलाकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
‘हम एकजुट हैं, सरकार को जवाब देना ही होगा’
सचिन पायलट ने कांग्रेस विधायकों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और तमाम कांग्रेस विधायक मिलकर इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंत्री अपनी टिप्पणी पर खेद प्रकट कर लेते हैं, तो कांग्रेस सदन चलाने के लिए तैयार है। अन्यथा, कांग्रेस भी डटकर मुकाबला करेगी।