- कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के मामलों की जांच स्थानीय समिति करेगी।
- छोटे कार्यालयों के मामलों को समिति द्वारा प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।

महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत एक स्थानीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता जन चेतना संस्थान की अध्यक्ष ऋचा औदिच्य यादव करेंगी।
समिति में प्रमुख सदस्य शामिल
इस समिति में समाजशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. अनुपमा शाह, पारिवारिक न्यायालय की अधिवक्ता मीनाक्षी गौतम और संघर्ष संस्थान की सचिव नीम पुरी गोस्वामी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति जिले में कार्यस्थलों पर होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के मामलों की जांच और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
10 से अधिक कर्मचारियों वाले कार्यालयों में आंतरिक समिति अनिवार्य
सहायक निदेशक महिला अधिकारिता अंकिता राजपुरोहित ने बताया कि जिन कार्यालयों में 10 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां आंतरिक समिति बनाना अनिवार्य होगा। वहीं, 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के मामलों की सुनवाई यह स्थानीय समिति करेगी। इस समिति का कार्यकाल तीन वर्षों तक रहेगा।