- राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र अंतिम चरण में पहुंचा।
- आज प्रश्नकाल के बाद पांच विधेयकों पर चर्चा और पारित प्रक्रिया होगी।
- शाम 5 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बजट पर अपना उद्बोधन देंगे।
- महत्वपूर्ण घोषणाएं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी जा सकती है।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सदन में कटौती प्रस्तावों पर जवाब देंगे और इसके बाद बजट को पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बुधवार को राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से प्रारंभ होगी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से जुड़े विभागों समेत उद्योग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जन संसाधन, जनजाति क्षेत्रीय विकास, राजस्व, नगरीय विकास और ऊर्जा विभागों के सवालों पर चर्चा होगी। आज सदन में शून्यकाल नहीं होगा। 2025-26 का बजट पारित करने के साथ-साथ विभिन्न विधायी कार्यों पर भी चर्चा होगी।
पांच विधेयकों पर चर्चा और पारित किए जाने की तैयारी
आज विधानसभा में पांच महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया जाएगा। इनमें राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, भरतपुर विकास प्राधिकरण विधेयक 2025, बीकानेर विकास प्राधिकरण विधेयक 2025, राजस्थान वित्त विधेयक 2025 और राजस्थान विनियोग विधेयक 2025 शामिल हैं।
शाम 5 बजे मुख्यमंत्री का संबोधन
शाम 5 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बजट पर अपना संबोधन देंगे। उनके संबोधन में कई बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है। इसके पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी सदन को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक सुबह 10 बजे
सुबह 10 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित होगी। यह बैठक विपक्ष लॉबी में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में होगी, जहां विधानसभा की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों को सदन में उपस्थिति के निर्देश
मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सभी प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आज सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागाध्यक्षों को सदन की कार्यवाही के दौरान मौजूद रहने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री का आज का संबोधन सरकार की आगामी नीतियों और योजनाओं की झलक प्रदान करेगा।
मुख्य घोषणाओं पर टिकी निगाहें
राजस्थान विधानसभा की आज की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबोधन और बजट में किए जाने वाले प्रावधानों से राज्य की आगामी दिशा और विकास योजनाओं का खाका स्पष्ट होगा।