- राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम उठाया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 7 सरकारी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी।
- कुल 13 लंबित मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें अनुशासनात्मक कार्रवाई और अभियोजन स्वीकृति शामिल है।

राजस्थान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को बड़ा निर्णय लेते हुए 7 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। ये कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम-2018 के तहत की गई है।
पारदर्शी शासन की ओर सरकार का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने राजस्थान में प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कुल 13 लंबित मामलों का निस्तारण किया है। इनमें से कुछ मामलों में भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर कठोर दंड लगाया गया है, जबकि कुछ मामलों में दोष सिद्धि के आधार पर अभियोजन की अनुमति दी गई है।
रिटायर्ड अधिकारी की पेंशन रोकी गई
सरकार ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन रोकने का आदेश दिया है। इसके अलावा, 3 मामलों में कार्यरत अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का फैसला लिया गया है।
एक अधिकारी को मिली राहत, अन्य पर शिकंजा कसता हुआ
सरकार ने 3 मामलों में दोष सिद्धि की जांच रिपोर्ट को मंजूरी दी है। हालांकि, एक अधिकारी को पर्याप्त सबूतों के अभाव में सीसीए नियम 23 के तहत दंड से मुक्त कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों को पारदर्शी, संवेदनशील और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। सरकार का यह कदम प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने और सरकारी कामकाज में ईमानदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।