- इंडो-पाक बॉर्डर पर पकड़ी गई महिला: 30 वर्षीय हमायरा 17 मार्च की सुबह श्रीगंगानगर जिले में विजेता पोस्ट पर पकड़ी गई।
- घरेलू हिंसा से परेशान: पति और ससुराल से तंग आकर हमायरा ने भारत आने का फैसला किया, उसकी दो छोटी बेटियां भी हैं।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में इंडो-पाक बॉर्डर पर पकड़ी गई पाकिस्तानी महिला हमायरा को वापस पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संयुक्त जांच एजेंसियों (JIC) द्वारा पूछताछ पूरी होने के बाद यह फैसला लिया गया।
17 मार्च की सुबह 5 बजे हमायरा ने बॉर्डर पार कर भारत में प्रवेश किया था। अनूपगढ़ की विजेता पोस्ट पर उसे भारतीय सेना ने हिरासत में लिया था। तीन दिन की पूछताछ के बाद एजेंसियों को कोई बड़ा सुराग नहीं मिला।
घरेलू हिंसा से परेशान होकर बॉर्डर पार करने का साहस
पूछताछ के दौरान हमायरा ने बताया कि वह घरेलू हिंसा से परेशान होकर भारत आई है। हमायरा की शादी बलूचिस्तान निवासी वसीम से हुई थी, जो एक दुकान चलाते हैं। उसके मुताबिक, पति और ससुराल वालों ने उसका जीवन दूभर कर दिया था। हमायरा की दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 3 और 4 साल है।
हमायरा ने बताया कि वह अरब देशों में शरण लेना चाहती थी, लेकिन उसके पति ने उसे वीजा के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं दिए। इसके बाद उसने भारत आने का फैसला किया। कराची में अपने माता-पिता के पास रहने के दौरान उसने इंटरनेट पर भारत आने के तरीके तलाशे। कराची से बहावलपुर पहुंचने के बाद वह रात में पैदल सीमा तक आई और पास की एक मजार पर रात बिताई। सुबह होते ही उसने भारतीय सीमा में प्रवेश कर लिया, जहां उसे बीएसएफ ने पकड़ा।
बीएसएफ को बताया- ‘अब नहीं जाना पाकिस्तान’
हमायरा ने भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही बीएसएफ के जवानों से पाकिस्तान वापस न भेजने की गुहार लगाई। उसने कहा कि वह अब अपने देश लौटकर नहीं जाना चाहती। सीमा पर ठंड में ठिठुरती हमायरा को बीएसएफ ने कंबल देकर राहत पहुंचाई। हालांकि, संयुक्त जांच एजेंसियों ने पूछताछ के बाद हमायरा को पाकिस्तान वापस भेजने का निर्णय लिया है।
इंटरनेट बना भारत आने का जरिया
सूत्रों के अनुसार, हमायरा ने इंटरनेट के जरिए बॉर्डर पार करने के तरीके सीखे। उसने बताया कि वह कराची से बहावलपुर आई और वहां से पैदल भारतीय सीमा तक पहुंची। भारत में आने के बाद उसने अपनी सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई।
हमायरा की इस घटना ने सीमा सुरक्षा और शरणार्थियों से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। भारतीय एजेंसियां इसे सीमा सुरक्षा के नियमों के तहत संभालने की तैयारी कर रही हैं।