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इन्वेस्टर्स समिट को लेकर कांग्रेस भाजपा नेताओं में बयानबाजी, भाजपा नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेसियों पर उठाए सवाल

  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट पर सवाल उठाए, भाजपा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
  • वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस सरकार के इन्वेस्ट समिट की असफलता की ओर इशारा किया, कहा – सिर्फ 2% एमओयू ही धरातल पर उतर सके।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 35 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से 10% तीन महीनों में धरातल पर आ चुके हैं।

राजस्थान में इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, मंत्री सुमित गोदारा, सुरेश सिंह रावत और भाजपा महामंत्री जितेंद्र गोठवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने जूली के बयान को निराधार और विकास विरोधी करार दिया।

‘जूली का बयान दुर्भाग्यपूर्ण

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने टीकाराम जूली के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते जूली का संवैधानिक दायित्व है कि वे राज्य के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएं, लेकिन वे निराधार आरोपों में उलझे रहते हैं।

राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए इन्वेस्ट समिट में करीब साढ़े 12 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे, लेकिन उनमें से केवल 2% ही धरातल पर उतर सके। यह कांग्रेस सरकार की नाकामी को दर्शाता है। जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने पहले ही वर्ष में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए, जिनमें से मात्र तीन महीनों में 10% धरातल पर उतर चुके हैं। सरकार इन एमओयू की नियमित समीक्षा कर रही है।

5000 से अधिक निवेशकों ने किया समिट में हिस्सा

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसी सरकार के पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन हुआ, जिसमें 30 से अधिक देशों के 5000 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। यह राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। भाजपा सरकार के 15 महीनों में राज्य की जीएसडीपी में 30.78% की वृद्धि हुई है, जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए।

“कांग्रेस को राजस्थान का विकास रास नहीं आता”

सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी जूली के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को राजस्थान का विकास बर्दाश्त नहीं हो रहा। केवल तीन महीने में 3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं, जो सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

रावत ने कहा कि टीकाराम जूली को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए और राज्य के विकास से जुड़े मामलों पर गंभीरता से बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का लक्ष्य है कि प्रदेश में अधिक निवेश लाकर उद्योगों और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, जिसे सरकार प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।

“राइजिंग राजस्थान” से आ रहा बदलाव– गोठवाल

भाजपा महामंत्री और खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने “राइजिंग राजस्थान” को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस समिट से राज्य में उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में व्यापक विकास हो रहा है। विशेष रूप से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

गोठवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश हित के प्रति हमेशा नकारात्मक रही है। कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इन्वेस्ट समिट किया, जिसमें केवल दिखावा किया गया। वहीं, भाजपा सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में समिट आयोजित कर राजस्थान के विकास के लिए ठोस कदम उठाए।

सुमित गोदारा ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राजस्थान में अब भाजपा की सरकार है, जो जनता के कल्याण और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने अंतिम वर्ष में इन्वेस्ट समिट किया, लेकिन सिर्फ 2% एमओयू ही धरातल पर आ सके। जबकि भाजपा सरकार ने पहले ही वर्ष में समिट कर तीन महीने में 3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतारने का काम किया है।

खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस पार्टी भाजपा के कामों पर “कीचड़ उछालने” में व्यस्त हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जितना कांग्रेस कीचड़ उछालेगी, उतना ही भाजपा का कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न कोई नीति है, न नियम और न ही नियत। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है और सरकार राज्य को देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनाने के लिए कृत संकल्पित है।

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