- राजस्थान के सोजत में 21 मई 2015 को मेहंदी कारोबारी नरेंद्र टांक सड़क पर लड़ते सांडों की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई।
- नगर पालिका की लापरवाही के कारण हुई इस घटना पर मृतक के परिवार ने प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

पाली के सोजत में सांड की चपेट में आने से मेहंदी कारोबारी नरेंद्र टांक की मौत के मामले में कोर्ट ने नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। अपर एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार गढ़वाल की अदालत ने नगर पालिका सोजत, ईओ, सभापति और स्वायत्त शासन विभाग पर 44 लाख 10 हजार 480 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह राशि मृतक के परिजनों को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है।
सांड की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए थे कारोबारी
मामले की पैरवी कर रहे वकील गजेंद्र सोनी ने जानकारी दी कि 21 मई 2015 को नरेंद्र टांक (45) अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। सड़क पर दो सांडों के लड़ने के दौरान वह अचानक उनकी चपेट में आ गए। एक सांड के सींग लगने से उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने नगर पालिका पर दर्ज कराया था मामला
इस घटना के बाद नरेंद्र टांक की पत्नी ज्योति टांक, बेटे कुणाल और बेटी भूमिका ने नगर पालिका ईओ, अध्यक्ष, स्वायत्त शासन विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद 30 जून 2015 को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने नगर पालिका प्रशासन को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।