- राजस्थान सरकार ने ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ योजना के तहत नवंबर 2025 में नगर निकाय चुनाव कराने की घोषणा की है।
- मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी और जनता के हित में होगी।
- प्रदेश में परिसीमन और वार्डों के पुनर्गठन का कार्य तेजी से चल रहा है, सितंबर 2025 तक मतदाता सूची तैयार हो जाएगी।

राजस्थान में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत नगर निकाय चुनावों की तैयारी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर प्रदेश में सियासत गर्म है। जहां एक ओर सत्ता पक्ष बीजेपी इस योजना को लागू करने के लिए जोर शोर से जुटा है, वहीं कांग्रेस इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विरोध कर रही है।
राज्य में परिसीमन का काम तेजी से चल रहा है, और अधिकारियों को इसकी शीघ्रता से पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यूडीएच (नगर विकास और गृह) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी नगर निकायों में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत चुनाव नवंबर 2025 में होंगे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह से कानूनी तरीके से और जनता के हित में किया जा रहा है।
मतदाता सूची का काम सितंबर 2025 तक होगा पूरा
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में वार्ड परिसीमन का काम चल रहा है। नगर पालिकाओं की सीमा वृद्धि का काम भी पूरा हो चुका है। इसके बाद, वार्डों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई है, और इस पर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
मंत्री ने कहा कि सभी आपत्तियों का निपटारा करने के बाद, सितंबर 2025 तक मतदाता सूची का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने किया पलटवार
मंत्री खर्रा ने विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को वार्ड परिसीमन से कोई परेशानी नहीं है, बल्कि उन्हें एक साथ सभी नगर निकायों में चुनाव कराए जाने से समस्या है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का निर्णय पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी है, जो जनता के हित में लिया गया है।
मंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया कि सरकार की योजना के अनुसार, सितंबर में मतदाता सूची का काम पूरा होते ही चुनावी तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी, और नवंबर 2025 तक प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे।