- वक्फ बिल पर लोकसभा और राज्यसभा में खुली चर्चा और बहुमत से पारित प्रक्रिया के बाद कांग्रेस कोर्ट जाने का ड्रामा कर रही है।
- प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने मुस्लिम बहनों के कल्याण के लिए आवास योजना और तीन तलाक कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
- मुस्लिम समाज को अब जागरूक होने और यह समझने की आवश्यकता है कि उनका हित कौन कर रहा है।

राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान वक्फ बिल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता इस बिल को लेकर देश के मुस्लिम भाइयों को गुमराह कर रहे हैं और समाज में भ्रम फैला रहे हैं।
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि वक्फ बिल पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में खुली चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत मतदान हुआ और बहुमत के आधार पर यह बिल दोनों सदनों में पारित किया गया। यदि कांग्रेस इस बिल के विरोध में थी, तो उसे सदन में इसका बहिष्कार करना चाहिए था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि बिल के दौरान सदन एक बार भी स्थगित नहीं हुआ।
राठौड़ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब संसद में चर्चा और मतदान के माध्यम से निर्णय हो गया, तब कांग्रेस का बाहर आकर कोर्ट जाने का ड्रामा करना केवल दिखावा है। लोकतंत्र में हठधर्मिता नहीं चलती। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन निर्णय हमेशा बहुमत से होता है और उसका सम्मान करना ही पड़ता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 11 वर्षों से देश की सत्ता में हैं, लेकिन आज तक किसी भी मुसलमान का अहित नहीं हुआ है। उल्टे मोदी सरकार ने गरीब और जरूरतमंद मुस्लिम बहनों के लिए आवास योजना के पहले चरण में सर्वाधिक लगभग पौने तीन करोड़ मकान प्रदान किए। तीन तलाक कानून के माध्यम से मुस्लिम बहनों के सम्मान और अधिकार की रक्षा की गई।
राठौड़ ने कहा कि अब देश के मुस्लिम समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है और यह समझने की ज़रूरत है कि उनका हित कौन कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का समझदार और शिक्षित मुसलमान इस बिल का स्वागत कर रहा है, जबकि जिनकी रोजी-रोटी इस बिल से प्रभावित हो रही है, वही लोग समाज को भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं। मुस्लिम समाज में शिक्षा की कमी का लाभ उठाकर कुछ लोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा और सरकार के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
मदन राठौड़ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन्होंने मुस्लिम समाज के लिए कभी कोई ठोस कार्य नहीं किया। केवल वोट बैंक समझकर इस वर्ग को दबाकर रखने की रणनीति अपनाई। कांग्रेस ने कभी इस वर्ग के समग्र विकास या कल्याण के लिए कोई नीति नहीं बनाई। क्योंकि कांग्रेस जानती है कि यदि यह समाज शिक्षित और सशक्त हो गया तो वह खुद अपने विवेक से निर्णय लेगा और कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगा।
राठौड़ ने कहा कि एक ओर औवैसी हैं, जो ड्रामा करने में माहिर हैं— उन्होंने तो बिल फाड़ने तक का नाटक किया। यदि वे अपने कपड़े भी फाड़ देते, तो भी हम कुछ नहीं कर सकते थे। दूसरी ओर सोनिया गांधी हैं, जिन्होंने सदन में इस बिल पर एक शब्द नहीं कहा। पहले मतदान में हिस्सा नहीं लिया और दूसरे अवसर पर सिर्फ पर्ची के माध्यम से मतदान किया।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की ओर से वक्फ बिल पर कोई रचनात्मक सुझाव आता, तो सरकार उसे ज़रूर विचार में लेती, लेकिन विपक्ष की ओर से कोई ठोस सुझाव नहीं दिया गया। अंततः लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बहुमत से यह बिल पारित हो गया।