आयुष अस्पताल: आयुष अस्पतालों के ओपीडी समय मे बदलाव की बढ़ी सम्भावना

आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग जयपुर के उप शासन सचिव द्वारा 19 नवंबर 2020 के माध्यम से आयुष अस्पतालों के ओपीडी समय में बेवजह ही 1 घंटे की बढ़ोतरी करने के जारी आदेशों में पुनः बदलाव होने की सम्भावनाये अब जोर पकड़ने लगीं है।

आयुष अस्पतालों के ओपीडी समय मे बदलाव की बढ़ी सम्भावना
  • मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव (एलएस) ने आयुर्वेद सचिव को आवश्यक कार्यवाही के लिये भेजा पत्र
  • विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सीएमओ को भिजवाने के दिये निर्देश
  • आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैनी ने मुख्यमंत्री से मामले में दख़ल देने की रखी थी मांग 

जयपुर। 

एक घण्टे की बढ़ोतरी को लेकर अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ द्वारा लगातार प्रदेश स्तर पर  जारी विरोध  व  महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी द्वारा उक्त मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जरिए मेल से पत्र भेजकर दखल देने की फरियाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव (एलएस) द्वारा 15 जनवरी 2021 के माध्यम से आयुर्वेद सचिव को पत्र भेजकर उक्त संपूर्ण प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा साथ में आयुर्वेद विभाग द्वारा की गई कार्यवाही  / वस्तु स्थिति की रिपोर्ट अविलंब मुख्यमंत्री कार्यालय को भिजवाने के निर्देश जारी किए हैं

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैनी ने बताया कि महासंघ द्वारा पूर्व में सरकार के समक्ष उठाई गई मांग के उपरान्त आयुष अस्पतालों  का ओपीडी समय दो पारियों से हटाकर सर्दियों में प्रातः 9:00 से 3:00 तक तथा गर्मियों में प्रातः 8:00 से 2:00 तक एक ही पारी में करने के सरकार  द्वारा आदेश जारी किए गए थे, जिसके तदानुसार ही ओपीडी समय चल रहा था , परंतु अचानक  बेवजह ही  आयुर्वेद विभाग के उपशासन सचिव द्वारा 19 नवंबर के माध्यम से उक्त ओपीडी समय में तब्दीली करते हुए सर्दियों में प्रातः 9:00 से 4:00 तथा गर्मियों में प्रातः 8:00 से 3:00 कर बीच में 12:00 से 1:00 तक का मध्यांतर  कर दिया गया था जिसका कोई औचित्य ही नजर नहीं आ रहा था, ओपीडी समय में विभाग द्वारा की गई इस तब्दीली के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा कर्मचारियों को भी एक घंटा ज्यादा रुकना पड़ता था , जिसके विरोध स्वरूप महासंघ द्वारा प्रदेश स्तर पर आंदोलन का आगाज किया गया जिसके तहत सर्वप्रथम प्रदेश के समस्त आयुष नर्सिंग कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर  तथा उसके बाद उक्त तुगलकी आदेशों की होली जलाकर सरकार के प्रति अपना  विरोध प्रकट किया था ,  तमाम लोकतांत्रिक तरीके अपनाने के बाद भी विभाग में कोई हलचल नहीं होने पर आयुष नर्सेज महासंघ द्वारा  मुख्यमंत्री गहलोत  व महामहिम राज्यपाल को पुनः फरियाद भेज कर मामले में दखल देने की गुजारिश की थी !