राहुल के करीबी नेता ने छोड़ी कांग्रेस: कोंग्रेस का दामन छोड़ने वालों में अब जितिन प्रसाद भी हुए शामिल

पिछले 7 वर्षों से झटकों ओर झटके खा रही कोंग्रेस पार्टी को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा हैं। और इस बार ये झटका मिला हैं उत्तरप्रदेश की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले और राहुल प्रियंका के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता जितिन प्रसाद की तरफ से।

कोंग्रेस का दामन छोड़ने वालों में अब जितिन प्रसाद भी हुए शामिल
  • राहुल, प्रियंका के बेहद करीबी माने जाते थे जितिन प्रसाद

नई दिल्ली। पिछले 7 वर्षों से झटकों पर झटके खा रही कोंग्रेस पार्टी को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा हैं। और इस बार ये झटका मिला हैं उत्तरप्रदेश की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले और राहुल प्रियंका के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता जितिन प्रसाद की तरफ से। जितिन प्रसाद ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की स्टाइल में कोंग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया हैं। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले ये कोंग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की कोर कमेटी को बड़ा झटका हैं। बड़ा झटका इसलिए कि आने वाले यूपी विधानसभा चुनावों में इन्ही जितिन प्रसाद को कोंग्रेस बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में थी। लेकिन इससे पहले ही आज केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इन्हें भाजपा में शामिल करवा दिया।

चुनाव से पहले ही कोंग्रेस को कर दिया चारों खाने चित्त

कोंग्रेस के दिग्गज नेताओं में शामिल जितिन प्रसाद का कोंग्रेस का दामन छोड़ना कोंग्रेस के लिए बेहद चिंताजनक बात हैं। इसे बड़ा सियासी उलटफेर माना जा रहा हैं। उत्तरप्रदेश की राजनीति में जितिन प्रसाद का अपना वजूद हैं। जितिन प्रसाद उत्तरप्रदेश के बड़े ब्राह्मण नेताओं में शुमार हैं। जिसके कारण कोंग्रेस को हमेशा फायदा मिला था। पर जितिन प्रसाद पिछले कई दिनों से हाईकमान से नाराज़ चल रहे थे। और इन्होंने अपनी नाराज़गी कई बार दर्ज भी करवाई लेकिन कोंग्रेस आलाकमान ने इनकी नाराज़गी को हमेशा नज़र अंदाज़ किया, जिसके परिणाम आज सामने भी आ गए।

सुबह से ही एक कोंग्रेसी नेता के भाजपा में शामिल होने के लगाए जा रहे थे कयास

आज सुबह से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि कोंग्रेस के एक बड़े नेता आज भाजपा में शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर इसको लेकर अलग अलग नाम सामने आ रहे थे। सबसे ज्यादा कयास सचिन पायलट के नाम पर लगाए जा रहे थे। क्योंकि पिछले लंबे समय से सचिन पायलट अपनी ही पार्टी की राज्य सरकार से नाराज़ चल रहे हैं। जिसके कारण हर किसी के मन में सचिन पायलट का ही नाम चल रहा था। पर जैसे ही जितिन प्रसाद के भाजपा जॉइन करने की खबर आई इन कयासों पर विराम लग गया।