देवलोक हुए जैन संत रिषभचंद्रसूरीश्वर: जैन संत रिषभचंद्रसूरीश्वर को भीनमाल 36 कौम की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की 

राजेंद्रसूरीश्वर की पाट परम्परा के त्रिस्तुतिक जैनाचार्य  रिषभचंद्रसूरीश्वरजी का आज मोहनखेड़ा में देवलोकगमन होने पर भीनमाल में 36 कौम के नागरिकों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 

जैन संत रिषभचंद्रसूरीश्वर को भीनमाल 36 कौम की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की 

भीनमाल, (मनीष दवे) 

राजेंद्रसूरीश्वर की पाट परम्परा के त्रिस्तुतिक जैनाचार्य रिषभचंद्रसूरीश्वर का आज मोहनखेड़ा में देवलोकगमन होने पर भीनमाल में 36 कौम के नागरिकों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

महेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रद्धाजंलि कार्यक्रम में  मुकेश वर्धन, पृथ्वीराज कावेदी,  शेखर व्यास, कन्हैयालाल खंडेलवाल, कपूर गहलोत, दिनेश दवे नवीन , भरतसिंह भोजाणी आदि ने जैनाचार्य के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। समाज सेवी मुकेश वर्धन ने इस अवसर पर कहा कि संत किसी जाति या धर्म का नही होता, वो पूरे मानवता का मार्ग प्रशस्त करता है। रिषभचंद्रसूरीश्वर भी इतने प्रभावी और व्यापक आभामंडल के पूजनीय संत थे। मोहनखेड़ा  तीर्थ के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। पृथ्वीराज कावेदी ने उनके जीवन यात्रा और सामाजिक योगदान से समन्धित तथ्यों पर प्रकाश डाला। कन्हैयालाल खंडेलवाल ने अपने संबोधन में कहा कि त्रिस्तुतिक जैन परंपरा में पूज्य रिषभचंद्रसूरीश्वर के देवलोकगमन से जैसे एक युग का अंत हुआ है। देश विदेश के प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व, समाजसेवा के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन भी उनका लोहा मानते थे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश दवे नवीन ने किया।

श्रद्धांजलि सभा में प्रेमाराम बंजारा, जोरावरसिंह राव, मोहनलाल परिहार,रमेश सौनी पुनासा, महेन्द्र सोलंकी, सुरेश जैन, सुरेश बोहरा (मिडिया) जगदीश वैष्णव,रामलाल पुरोहित,देवेन्द्र भंडारी, किशनलाल माली,बद्रीनारायण गौड,नरोतम त्रिवेदी, जबराराम भाटी, सुरेश जी बोहरा, महेशजी व्यास, मीठालाल वैष्णव,सतीश दुआ, नरपतसिंह राव, किशोर सांखला,रविकुमार दवे, विजयसिंह राव, राजुसिंह परमार,पारसमल एम घांची , मनीष दवे ,राजुभाई सोलंकी सहित कई सम्मानीय नगरवासी उपस्थित थे।  कोराना गाइडलाइंस का पालन करते हुए उपस्थित लोगों ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।