जलदाय विभाग की तानाशाही

जलदाय विभाग की तानाशाही

शहरवासियों को नही हो रहा समय पर पेयजल उपलब्ध,जिम्मेदार अधिकारी ही पेयजल संकट पर गुमराह करने से नही आ रहे बाज

भीनमाल। एक तरफ तो कोरोना के विपत्ति काल में जहाँ मेडिकल, पुलिस, प्रशासन व सफाई कर्मचारियों सहित सभी लोग यथाशक्ति अपने दायित्व का निर्वहन कर आमजन को राहत पहुँचाने में लगे हुए हैं वहीं शहर में नियमित पेयजलापूर्ति को लेकर  अधिकारी भी आमजन को गुमराह कर अपनी हरकतों से बाज़ नही आ रहे है। इस विभाग से तो पूरा शहर पानी के लिए त्रस्त है,लेकिन प्रशासन है कि कुछ सुनवाई करता ही नही है। हैरत की बात तो यह है कि अधिकारी को जब फोन कर पूछा जाता है कि जलदाय विभाग से बोल रहे हो तो वे साफ मना करके जवाब देते हैं कि रॉंग नम्बर। जब वापस पूछा जाता है तो अधिकारी बेरुखा जवाब देकर टालने की कोशिश करते हैं मगर समस्या पर बात करने से कतराते है। गुरुवार की शाम को जब हमारे संवाददाता ने एक नागरिक बनकर अधिशाषी अभियंता के सी सांगरिया को फोन कर पेयजल सप्लाई के बारे में पूछा तो पहली मर्तबा तो उन्होंने साफ कह दिया कि यह रॉंग नम्बर है। फिर कहा कि आप जलदाय विभाग से ही तो बोल रहे हैं अभी घण्टे भर पहले हमारे पार्षद ने आपसे बात भी की है तो बात को घुमाते हुए बोले कि क्या करे हमारे तो कान ही पक जाते हैं फोन पर जवाब देकर। दिन भर में लोग हमसे करीब दो सौ बार फोन करते हैं किस किस को जवाब दे।
14 व 7 दिनों में भी पानी नही रहा नसीब - इन दिनों शहर की पेयजलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ाई हुई है। कई कई मौहल्लों में तो 7 व 14 दिन हो जाने  बावजूद पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है तो कही कही पर एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई की जाती है। इसी अव्यवस्था के चलते शहर के कई हिस्सों में पेयजल का गम्भीर संकट खड़ा हो गया है। इधर लॉक डाउन के चलते टैंकर वाले भी चार सौ से छह सौ रूपये प्रति टैंकर वसूल रहे हैं।

मेरे कान पक गए है, ऐसा है अधिशाषी अभियंता का रवैया - जब हमारे संवाददाता ने विभाग के जिम्मेदार पद  कार्यरत
अधिशाषी अभियंता से बात की तो बोलते है। मेरे कान पक गए है, 24 घण्टे ही हमारा ये ही काम नहीं है, में किस किस को जवाब दु। ऐसा रवैया है इन अधिशाषी अभियंता केसी सांगरिया का जो जिम्मेदार होकर ऐसे बात करते है। इससे साफ तौर पर जाहिर है कि जब जनता अपनी परेशानी बताती होगी तो ये साहब किस तरीके से बात करते होंगे। 
कंट्रोल रूम में रोजाना आ रही शिकायत-एसडीएम अवदेश मीना की ओर से पेयजल समस्या को लेकर उपखंड कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसमे बाद से पेयजल समस्या को लेकर रोजाना शिकायत दर्ज होती है। लेकिन उसमें भी समस्या का समाधान न के बराबर हो रहा है। कंट्रोल रूम में भरत कुमार ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर अब तक 179 शिकायत आ चुकी है। उसमे से कितना समाधान हुआ उसका पता नहीं हैं ।  
समय पर बोला था पानी सप्लाई का- अग्रवाल कॉलोनी में काफी दिनों से पानी नही आ रहा था तो मैने एक्सईएन व जेईएन से बात की तो उन्होंने बताया की शाम तक पानी की सप्लाई कर दी जाएगी। बावजूद उसके समय पानी नही आया । ओर मोहल्ले में काफी दिनों से पानी नही आने पर पानी को लेकर परेशान थे। मैने जेईएन को भी फोन किया था मगर वे भी फ़ोन नही उठा रहे थे। 
भूपेंद्र दुदिया, वार्ड 28 निवासी भीनमाल।
गुमराह करते है अधिकारी
जलदाय विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते 7 दिन तक मोहल्ले में 7-10 दिन से पानी नही आता है। कई बार पेयजल के लिए विभागीय अधिकारी को अवगत जाता है, लेकिन हमें गुमराह कर करवाने बावजूद अभी समस्या का समाधान नही हो रहा है। विभागीय अधिकारी गुमराह करने के अलावा कुछ नही कर रहे है। 
विक्रम जोधा, मुकेश कुमार, वार्ड 18, 39 निवासी भीनमाल