- फ़िल्म ‘रिवाज’ तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्रित है और इसे ज़ी5 पर देखा जा सकता है।
- मायरा सरीन ने ज़ैनब शेख के किरदार को प्रभावी और सशक्त तरीके से निभाया है।
- मिथुन चक्रवर्ती और ज़ाकिर हुसैन के दमदार डायलॉग्स फ़िल्म की गहराई बढ़ाते हैं।

तीन तलाक के मुद्दे पर पहले भी बॉलीवुड में कई फ़िल्में बनी हैं, लेकिन ज़ी5 पर हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘रिवाज’ ने इस विषय को नई ऊंचाई दी है। फ़िल्म प्रोड्यूसर कशिश ख़ान के बैनर तले बनी यह फ़िल्म महिलाओं के संघर्ष और उनके अधिकारों की लड़ाई को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।
ज़ैनब शेख के संघर्ष की कहानी
फ़िल्म की कहानी ज़ैनब शेख (मायरा सरीन) पर केंद्रित है, जो तीन तलाक़ के पुराने कानून के खिलाफ आवाज़ उठाती है। मायरा सरीन ने ज़ैनब के किरदार को बेहद ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया है। उनकी संवाद अदायगी और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने इस किरदार को जीवंत बना दिया है। फ़िल्म में उनका डायलॉग, “मैं कसम खाती हूँ, तेरे जैसे लोगों का गुरूर तोड़ूंगी,” दर्शकों को झकझोर देता है।
मिथुन चक्रवर्ती का दमदार अभिनय
मिथुन चक्रवर्ती फ़िल्म में एक वकील की भूमिका में नजर आते हैं, जो ज़ैनब की लड़ाई में उनका साथ देते हैं। उनका डायलॉग, “अल्लाह को तलाक पसंद नहीं है,” फ़िल्म की गहराई को बढ़ाता है और विषय पर एक नई बहस को जन्म देता है।
मनोज सती के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म सामाजिक संदेश देने के साथ मनोरंजन भी करती है। “तलाक औरत दे या मर्द, नुकसान परिवार का ही होता है,” जैसे डायलॉग दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
म्यूजिक और टेक्नीक का शानदार फ्यूजन
फ़िल्म के गाने, जैसे “तू मेरा नाम है,” फ़िल्म की संवेदनशीलता को और अधिक बढ़ाते हैं। फ़िल्म की अवधि 1 घंटे 54 मिनट है, जो दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहती है।
फ़िल्म ‘रिवाज’ महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई को एक नई दिशा देती है। इसे ज़रूर देखिए और ज़ैनब शेख के संघर्ष को महसूस कीजिए।