सिरोही : जल बचाओ अभियान को जलदाय विभाग के जिम्मेदार ही लगा रहे पलीता

पिंडवाड़ा उपखण्ड़ क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नही होने से लोग हलक तर करने को तरस रहे है तो वहीं जलदाय विभाग टूटी पाइपलाइनों को समय पर मरम्मत नही कर लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहा रहा हैं।

जल बचाओ अभियान को जलदाय विभाग के जिम्मेदार ही लगा रहे पलीता
  • एक तरफ पूरे उपखण्ड़ क्षेत्र में पेयजल को लेकर मची हुई हैं त्राहिमाम
  • तो दूसरी तरफ अधिकारियों की लापरवाही से रोजाना हजारों लीटर व्यर्थ बह रहा पानी
  • पिंडवाड़ा उपखण्ड़ के वासा गांव में लंबे समय से लीकेज पाईपलाइन को नही किया जा रहा दुरुस्त
  • ग्रामीणों ने कई बार जलदाय विभाग के जिम्मेदारों को समस्या से करवाया अवगत
  • इसके बावजूद भी पानी की बर्बादी रोकने के लिए अधिकारियों की नही उड़ी नींद
  • आखिर जलदाय विभाग पानी की बर्बादी रोकने के कब करेगा प्रयास
  • आखिर नींद के आगोश से कब जागेंगे जलदाय विभाग के जिम्मेदार??
  • हर किसी के जहन में एक ही सवाल आखिर कब थमेगा लीकेज पाईपलाइन का सिलसिला??

पिंडवाड़ा। 

पिंडवाड़ा उपखण्ड़ क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नही होने से लोग हलक तर करने को तरस रहे है तो वहीं जलदाय विभाग टूटी पाइपलाइनों को समय पर मरम्मत नही कर लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहा रहा हैं।ऐसी ही एक पाईपलाइन पिंडवाड़ा उपखण्ड़ क्षेत्र के वासा गांव की है जहां पेयजल पाईपलाइन में लीकेज होने से पिछले कई महीनों से यहां रोजाना हजरो लीटर पानी व्यर्थ बह रहा हैं।हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों द्वारा कई बार जिम्मेदारों को मामले से अवगत करवाया गया लेकिन जिम्मेदारों ने लाखों-हजरो लीटर पानी की बर्बादी की रोकथाम को एक प्रयास नही किया जबकि हर साल गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से हर कोई वाकिफ है वहीं जलदाय विभाग की इस लापरवाही से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा हैं।इसके बाद ना तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और ना ही जलदाय विभाग के जिम्मेदार ध्यान दे रहे है।तेज दबाव के कारण पाइप लाइन के करीब दस बारह फीट ऊंचे फव्वारे से पानी बह रहा है जिससे आसपास में पानी ही पानी हो रहा है।

जिम्मेदारों का नही ध्यान-

वासा गांव में पेयजल पाईपलाइन लीकेज होने से यहां रोजाना हज़ारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है।इस भीषण गर्मी के चलते अभी भी कुछ स्थानों पर ग्रामीण पानी के लिए कई मुसीबतों का सामना कर पानी का जुगाड़ कर रहे तो वहीं जलदाय विभाग के जिम्मेदार अभी भी गहरी नींद के आगोश में सोये हुए है।ग्रामीण केतन ओझा,पीरचंद मेघवाल,सुधीर अग्रवाल समेत कई लोगो ने कई बार समस्या समाधान को लेकर गुहार लगाई लेकिन जलदाय विभाग में इस लीकेज पाईपलाइन का कोई पुख्ता इंतजाम कर रोजाना हजारों लीटर पानी की बर्बादी पर रोकथाम के कोई प्रयास नही किये।

पैसों से खरीदना पड़ रहा पेयजल-

भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल संकट गहराने लगा है ऐसे में पिंडवाड़ा उपखण्ड़ के कई गांवों में हलक तर करने के लिए मुंह मांगे दामों में पानी के टैंकर मंगावने पड़ रहे है।अधिकारियों की आंखों देखी पूरी हकीकत के बावजूद भी हजारो लीटर की पानी बर्बादी को रोकने के लिए इंतजाम ना करना जलदाय विभाग के जिम्मेदारों पर सवालिया निशान लगा रहा हैं।

आखिर नींद के आगोश से कब जागेंगे जिम्मेदार-

वासा गांव की मुख्य पेयजल पाईपलाइन में लंबे समय से लीकेज के चलते रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है लेकिन जलदाय विभाग के जिम्मेदार नींद के आगोश में है।यही कारण है कि पिछले लंबे समय से लाखों लीटर पानी बर्बादी की भेंट चढ़ गया है।पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों के जहन में एक ही सवाल नींद के आगोश से कब जागेंगे जिम्मेदार और आखिर कब थमेगा लीकेज पाईपलाइन का सिलसिला।