आधे घण्टे तक तड़पता रहा घायल और इमरजेंसी सेवा नंबर 108 रहा नो रिप्लाई

आधे घण्टे तक तड़पता रहा घायल और इमरजेंसी सेवा नंबर 108 रहा नो रिप्लाई

आधे घण्टे तक तड़पता रहा घायल और इमरजेंसी सेवा नंबर 108 रहा नो रिप्लाई
आधे घण्टे तक तड़पता रहा घायल और इमरजेंसी सेवा नंबर 108 रहा नो रिप्लाई

गौरव अग्रवाल @ सरूपगंज।

स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भले कितने ही दावे कर ले लेकिन सरूपगंज कस्बे में इन दावों की पोल उस समय खुली जब शनिवार रात को एनएच 27 पर सड़क हादसे के बाद युवक युवक करीब आधे घंटे तक इलाज के अभाव में तड़पता रहा और आपातकाल सेवा नंबर 108 लगातार नो रिप्लाई रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच 27 के सरूपगंज-आबूरोड हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से गुजरात के कलोल निवासी हितार्थ दवे घायल हो गया।गंभीर रूप से घायल युवक लहूलुहान अवस्था में सड़क किनारे करीब आधे घंटे तक दर्द से कराहता रहा।राजमार्ग से गुजर रहे कुछ वाहन चालकों ने सड़क किनारे घायल को पड़ा देख अपने वाहन रोके और आपातकाल सेवा नंबर 108 को एक नही कई बार कॉल लगाए लेकिन नतीजा सिफर रहा और नंबर लगातार नो रिप्लाई रहा।राजमार्ग पर भीड़ देखकर स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और पुलिस समेत एलएंडटी की एम्बुलेंस को सूचना जिस पर पर पुलिस व उड़वारिया टोल प्लाजा की एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को सरूपगंज कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जंहा घायल युवक हितार्थ दवे का चिकित्सक रामलाल व चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार कर आबूरोड रैफर किया गया।आबूरोड के ट्रॉमा सेंटर के बाद घायल युवक को अहमदाबाद ले जाया गया जंहा उपचार जारी है।इस दौरान सरूपगंज पुलिस के हैड कांस्टेबल मांगीलाल,कांस्टेबल ओमप्रकाश,दिनेश कुमार समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ये कैसी इमरजेंसी सेवा??

स्वास्थ्य विभाग में 104,108 इमरजेंसी सेवा नंबर है जो स्वास्थ्य संबंधित किसी भी आपातकाल में एक कॉल पर उपलब्ध होते है और घायल व मरीज को चिकित्सा सेवा मुहैया करवाते है वही चिकित्सा सेवाओ के लिए अस्पताल पहुंचाते हैं लेकिन जिस तरह से शनिवार रात को संजीवनी कही जाने वाली 108 का इमरजेंसी नंबर जिस तरह से लगातार नो रिप्लाई रहा उससे यह स्पष्ट होता है कि इमरजेंसी नंबर पर ऐसी लापरवाही संजीवनी की जगह किसी की मौत का कारण बन सकती है।घायल को अस्पताल लाते वक़्त लगातार नो रिप्लाई रहना और बाद में रेफरल के समय एक घण्टे भर बाद में पहुंचने की बात से ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने जमकर रोष जाहिर किया था। ऐसे में उम्मीद यही की जाएगी कि भविष्य में ऐसा वाकया दोबारा घटित न हो।

https://youtu.be/1XHlZ3CsVAI

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