- रेखा गुप्ता ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया।
- बीजेपी की जीत से दिल्ली में राजनीतिक समीकरण बदले।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने रेखा गुप्ता को दिल्ली की मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है।
यह चौथी बार होगा जब दिल्ली को महिला मुख्यमंत्री मिलेगी। रेखा गुप्ता गुरुवार को रामलीला मैदान में शपथ लेंगी। इस जीत के साथ ही बीजेपी ने दिल्ली में अपना खोया जनाधार फिर से स्थापित किया है।
रेखा गुप्ता का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के जुलाना कस्बे की रहने वाली रेखा ने राजनीति में कदम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से रखा।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में अहम पदों पर रहते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता को साबित किया। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीं।
रेखा गुप्ता का निजी जीवन और पृष्ठभूमि
रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जुलाना में हुआ। उनके पिता बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थे, और उनकी मां गृहिणी थीं। रेखा की शिक्षा दिल्ली में हुई, जहां उन्होंने ग्रेजुएशन, LLB, और MBA की पढ़ाई पूरी की। रेखा के पति मनीष गुप्ता एक व्यवसायी हैं और राजनीति से दूर रहते हैं।
रेखा गुप्ता की संपत्ति और आय
रेखा गुप्ता की कुल संपत्ति 5.31 करोड़ रुपये है, जिसमें 1.20 करोड़ रुपये के कर्ज शामिल हैं। उनकी सालाना आय लगभग 7 लाख रुपये है। उनके पति मनीष गुप्ता की आय 2023-24 में लगभग 97 लाख रुपये रही है।
रेखा गुप्ता: संघर्ष से सफलता तक का सफर
रेखा गुप्ता का राजनीतिक करियर प्रेरणादायक रहा है। छात्र राजनीति से शुरुआत कर उन्होंने अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता से बीजेपी में एक अहम मुकाम हासिल किया। उनकी सियासी यात्रा में कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल हैं:
- 1992: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से राजनीतिक सफर की शुरुआत।
- 1995-96: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की सचिव चुनी गईं।
- 1996-97: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष बनीं।
- 2007: उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद का चुनाव जीता।
- 2010: बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 2022: MCD मेयर पद के लिए बीजेपी की उम्मीदवार बनीं।
- 2023: शालीमार बाग विधानसभा सीट से विधायक बनीं।
- 2025: पहली बार विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं।
दिल्ली में बीजेपी का शानदार कमबैक
27 साल के लंबे अंतराल के बाद बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत हासिल कर शानदार वापसी की है। 2015 में बीजेपी को सिर्फ 8 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्त दी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जैसे दिग्गज नेता अपनी सीटें गंवा बैठे।