- एयरो इंडिया की शानदार शुरुआत।
- तेजस में थल सेनाध्यक्ष और वायु सेना प्रमुख ने एक साथ भरी उड़ान।

भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और थल सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस में उड़ान भरी। बेंगलुरु में होने वाली एयरो इंडिया-2025 की शुरुआत से एक दिन पहले दोनों सेना प्रमुखों ने ये उड़ान भरी।
बता दें, ऐसा पहली बार है जब भारतीय थल सेना और वायुसेना के प्रमुखों ने एक साथ स्वदेशी फाइटर जेट में उड़ान भरी है। इस अनुभव के बाद, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा, “हम दोनों NDA के दिनों से साथ हैं। अगर मैं एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह से पहले मिला होता, तो शायद एयरफोर्स जॉइन कर फाइटर पायलट बनता।”

एयर चीफ मार्शल मेरे गुरु हैं- जनरल द्विवेदी
उड़ान के बाद, जनरल द्विवेदी ने एयर चीफ मार्शल को अपना गुरु बताते हुए कहा, “उन्होंने उड़ान के दौरान मुझे कई गतिविधियां कराईं, जो चुनौतीपूर्ण लेकिन रोमांचक थीं। मैं वायुसेना और उनके पायलट्स की साहसिकता की सराहना करता हूं, जो हर दिन चुनौतियों का सामना करते हैं।”
HAL और तेजस का योगदान
भारतीय वायुसेना ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ 83 तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों के लिए 36,468 करोड़ रुपये का सौदा किया है। इसके अतिरिक्त, 97 और तेजस जेट्स की खरीद को भी मंजूरी मिल चुकी है। तेजस Mk1A विमानों की डिलीवरी 2024 से 2028 के बीच पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार, HAL पहले साल में केवल 2-3 विमान ही तैयार कर पाएगा।

पीएम मोदी भी तेजस में भर चुके हैं उड़ान
तेजस में उड़ान भरने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विमान के प्रशंसक हैं। 25 नवंबर 2023 को, उन्होंने तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी थी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर जेट में पहली उड़ान थी।
तेजस, जिसे HAL द्वारा विकसित किया गया है, एक सिंगल-इंजन हल्का लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना में अपनी जगह बना चुका है।
यह आयोजन न केवल भारतीय रक्षा क्षमताओं की प्रगति को दर्शाता है, बल्कि स्वदेशी तकनीक को भी बढ़ावा देता है। तेजस अब देश की सैन्य ताकत का एक प्रमुख हिस्सा बन चुका है।