- प्लेटफॉर्म बदले जाने की घोषणा के बाद भीड़ बेकाबू, भगदड़ में 17 की मौत।
- महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों में देरी, रेलवे प्रशासन की लापरवाही उजागर।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुए हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। इस भगदड़ में 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल (LNJP) ने इन मौतों की पुष्टि की है।
प्लेटफॉर्म बदले जाने की घोषणा के बाद मचा हड़कंप
यह भगदड़ तब मची जब स्टेशन पर ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा की गई। पहले ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर आना था, लेकिन अचानक उसे प्लेटफॉर्म 16 पर शिफ्ट कर दिया गया। ट्रेन पकड़ने के लिए यात्री तेजी से फुटओवर ब्रिज की ओर दौड़े, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
महाकुंभ जाने वाली ट्रेनों में देरी बनी वजह
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 पर भीड़ बढ़ने के कारण हुआ। प्रयागराज के महाकुंभ जाने वाली दो ट्रेनें देरी से चल रही थीं, जिससे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या अधिक हो गई। जब अचानक ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा हुई, तो भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।
DCP ने बताया घटना के समय का हाल
DCP रेलवे केपीएस मल्होत्रा ने कहा, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति में 15 लोग घायल हो गए। प्रयागराज एक्सप्रेस जब प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर खड़ी थी, तब प्लेटफॉर्म पर काफी भीड़ थी। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी लेट थीं और इन ट्रेनों के यात्री भी प्लेटफॉर्म नंबर 12, 13 और 14 पर मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, 1500 जनरल टिकट बिक चुके थे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। प्लेटफॉर्म नंबर 14 और प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास एस्केलेटर के पास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।”
इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थिति नियंत्रण में है और घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल और रेल मंत्री ने जताया दुख
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ट्वीट कर इस घटना पर शोक जताया। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, शुरुआत में नॉर्दन रेलवे के CPRO (चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) ने भगदड़ की बात से इनकार किया था और इसे अफवाह बताया था।
भगदड़ की वजह बनने वाले कारण
ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा: प्रयागराज स्पेशल, भुवनेश्वर राजधानी और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म 14 पर आना था। लेकिन जैसे ही भुवनेश्वर राजधानी को 16 नंबर पर भेजने का ऐलान हुआ, यात्री प्लेटफॉर्म 16 की ओर दौड़ पड़े, जिससे भगदड़ मच गई।
स्टेशन पर भीड़ का नियंत्रण न होना: प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ स्टेशन पर थी। कई यात्री टिकट काउंटर पर खड़े थे, लेकिन ट्रेन की घोषणा होते ही वे प्लेटफॉर्म की ओर भागे, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
स्टेशन प्रशासन की लापरवाही: दो वीकेंड से महाकुंभ के यात्रियों की भारी भीड़ स्टेशन पर थी, लेकिन प्रशासन ने कोई कंट्रोल रूम नहीं बनाया। शनिवार शाम से ही भीड़ बढ़ रही थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पूर्व में भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
इससे पहले 29 जनवरी को प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 30 लोगों की मौत हो गई थी। 10 फरवरी 2013 को भी प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची थी, जिसमें 36 लोग मारे गए थे। ऐसे हादसे रेलवे प्रशासन की लापरवाही और भीड़ नियंत्रण में कमी को उजागर करते हैं।