
दरा में रेलवे अंडर ब्रिज का काम जल्द शुरू, न्यू कोटा स्टेशन दिसंबर 2025 तक तैयार
नई दिल्ली/कोटा, 19 अगस्त।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, रेलवे बोर्ड और कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु
- न्यू कोटा स्टेशन का 85% काम पूरा, दिसंबर 2025 तक तैयार होगा
- कोटा स्टेशन का पुनर्विकास मई-जून 2026 तक होगा पूरा
- दरा में रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) का काम जल्द शुरू
- बूंदी में अतिरिक्त गुड्स लाइन और शेड बनाने के निर्देश
- जयपुर–पुणे एक्सप्रेस को सातों दिन चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा
स्टेशन पुनर्विकास पर फोकस
बैठक में कोटा और न्यू कोटा (डकनिया) रेलवे स्टेशन पर जारी पुनर्विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बिरला ने निर्देश दिया कि—
“स्टेशनों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त छाया, ठंडा पेयजल, आरामदायक कुर्सियां, रीक्लाइनर, पंखे और एयर कूलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
उन्होंने फसाड़ लाइटिंग, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रैफिक मूवमेंट प्लान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही, एप्रोच रोड को चौड़ा करने के लिए प्रशासन से समन्वय करने की बात कही।
न्यू कोटा और कोटा स्टेशन का टाइमलाइन
- न्यू कोटा स्टेशन : 85% काम पूरा, दिसंबर 2025 तक पूरी तरह तैयार होगा।
- कोटा स्टेशन : पुनर्विकास कार्य मई-जून 2026 तक पूरा होने की संभावना।
बिरला ने कहा कि यात्री सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी काम समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
दरा और बूंदी की योजनाएं
- दरा : रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) के टेंडर की प्रक्रिया पूरी, जल्द होगा काम शुरू।
- बूंदी : एक अतिरिक्त गुड्स लाइन और शेड बनाने के निर्देश दिए गए।
कोटा–श्योपुर रेल लाइन और ट्रेनों का संचालन
बिरला ने कोटा–श्योपुर रेल लाइन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही, वर्तमान में सप्ताह में दो दिन चलने वाली जयपुर–पुणे एक्सप्रेस को सातों दिन संचालित करने का प्रस्ताव तैयार कर रेल मंत्रालय को भेजने को कहा।
ओम बिरला की इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत है कि कोटा-बूंदी क्षेत्र की रेल परियोजनाओं में अब कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
न्यू कोटा और कोटा स्टेशन का आधुनिक रूप, दरा में अंडरब्रिज और बूंदी में गुड्स लाइन जैसी योजनाएं क्षेत्र के रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई दिशा देने वाली हैं।



