- ब्लेयर हाउस, अमेरिकी राष्ट्रपति के मेहमानों का आधिकारिक गेस्ट हाउस है, जहां पीएम मोदी ठहरेंगे।
- 1824 में बना यह भवन 1942 से अमेरिका की राजनयिक परंपराओं का अहम हिस्सा है।

वॉशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अमेरिकी दौरे (PM Modi USA Visit) पर ऐतिहासिक ब्लेयर हाउस में ठहरेंगे, जिसे ‘प्रेसिडेंट्स गेस्ट हाउस’ भी कहा जाता है। यह व्हाइट हाउस के ठीक सामने स्थित है और अमेरिका आने वाले विशिष्ट विदेशी नेताओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित आवासों में से एक है।
ब्लेयर हाउस का निर्माण और इतिहास
ब्लेयर हाउस की शुरुआत 1824 में एक साधारण घर के रूप में हुई थी। लेकिन 1837 में इसे प्रसिद्ध पत्रकार और राजनीतिक सलाहकार फ्रांसिस प्रेस्टन ब्लेयर ने खरीदा। उनके करीबी संबंध राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन से थे, जिससे यह घर राजनीति का केंद्र बन गया। अब्राहम लिंकन समेत कई अमेरिकी नेता यहां सलाह लेने आते थे। 1942 में, राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इसे आधिकारिक अतिथि गृह में बदल दिया।

व्हाइट हाउस के बजाय ब्लेयर हाउस क्यों?
पहले विदेशी नेता सीधे व्हाइट हाउस में ठहरते थे, लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के कारण यह परंपरा बदली। एक रात चर्चिल सिगार पीते-पीते रूजवेल्ट के बेडरूम तक पहुंच गए, जिससे फर्स्ट लेडी एलेनॉर रूजवेल्ट असहज हो गईं। इसके बाद, व्हाइट हाउस से अलग एक गेस्ट हाउस की जरूरत महसूस हुई, और ब्लेयर हाउस को आधिकारिक राष्ट्रपति गेस्ट हाउस बना दिया गया।
ब्लेयर हाउस की भव्यता और सुविधाएं
यह टाउनहाउस 60,600 वर्ग फुट में फैला हुआ है और चार अलग-अलग भवनों से मिलकर बना है। इसमें कुल 120 कमरे, 14 गेस्ट रूम, 35 बाथरूम, 3 डाइनिंग हॉल, 2 विशाल कॉन्फ्रेंस रूम, एक प्राइवेट ब्यूटी सैलून, वेलनेस सेंटर और जिम शामिल हैं। इसके अलावा, इसमें एक खूबसूरत प्राइवेट गार्डन भी है, जहां विशिष्ट मेहमान सुकून भरे पल बिता सकते हैं।
ब्लेयर हाउस में ठहरने वाले बड़े नेता
- विंस्टन चर्चिल (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री)
- चार्ल्स डी गॉल (फ्रांस के राष्ट्रपति)
- महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय (ब्रिटेन की महारानी)
- टॉनी ब्लेयर (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री)
- बोरिस येल्तसिन (रूस के राष्ट्रपति)
- अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ब्लेयर हाउस से जुड़े रोचक किस्से
- 1950: अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन पर यहां जानलेवा हमला हुआ था।अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन पर यहां जानलेवा हमला हुआ था।
- 1995: रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन नशे में सिर्फ अंडरवियर पहनकर बाहर आ गए और टैक्सी लेने की कोशिश की।
- सुरक्षा के लिहाज से इसे व्हाइट हाउस जितना सुरक्षित माना जाता है।
पीएम मोदी का यहां ठहरना क्यों खास?
ब्लेयर हाउस में ठहरने का मतलब केवल सम्मान नहीं, बल्कि इसका कूटनीतिक महत्व भी है। अमेरिका-भारत के बीच व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इमिग्रेशन जैसे मुद्दों पर चर्चाएं होंगी। इससे साफ है कि अमेरिका इस दौरे को बेहद गंभीरता से ले रहा है। अब देखना यह होगा कि इस यात्रा के दौरान कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं।