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रायसीना डायलॉग का आगाज, 125 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अहम मुद्दों पर चर्चा

  • 1️⃣ रायसीना डायलॉग 2025 की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिसमें 125 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • 2️⃣ प्रमुख विषय ‘कालचक्र’ पर चर्चा हुई, जिसमें वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और आर्थिक रणनीतियों के मुद्दे शामिल थे।
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नई दिल्ली: भारत की राजधानी में सोमवार से रायसीना डायलॉग 2025 की शुरुआत हो चुकी है। इस प्रमुख वैश्विक मंच पर 125 देशों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, भू-राजनीति और आर्थिक सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं। यह डायलॉग 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें कई बड़े नेताओं, राजनयिकों और नीति-निर्माताओं की भागीदारी देखने को मिलेगी।

इस बार के सम्मेलन में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की बात कही।

यूएस एड, इजराइल-हमास संघर्ष और रूस-यूक्रेन विवाद पर चर्चा

रायसीना डायलॉग के पहले ही दिन यूएस एड (अमेरिकी सहायता) का मुद्दा छाया रहा। हाल ही में अमेरिका में इस पर बड़ा विवाद हुआ था, जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रोकने की बात कही थी। उनके अनुसार, अमेरिका की वित्तीय सहायता से कई देशों को लाभ तो मिला, लेकिन बदले में अमेरिका को कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर रायसीना डायलॉग में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी।

इसके अलावा, इजराइल-हमास युद्ध और रूस-यूक्रेन संघर्ष भी चर्चा का केंद्र बने रहे। कई विशेषज्ञों ने कहा कि इन दोनों संघर्षों का वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर गहरा असर पड़ रहा है। यूरोपीय देशों में टैरिफ नीतियों को लेकर भी चिंता जताई गई।

भारत को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय मंच, चीन और कनाडा के साथ संबंधों पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि रायसीना डायलॉग भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वह वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है। चीन भी इस संवाद में शामिल हुआ है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव घटने की उम्मीद जताई जा रही है।

चीनी सरकारी मीडिया ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की थी। इससे संकेत मिलता है कि भारत-चीन संबंधों में सुधार की संभावना है।

वहीं, कनाडा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ महीने पहले भारत और कनाडा के संबंधों में खटास आई थी, लेकिन कनाडा के नए प्रधानमंत्री ने संकेत दिए हैं कि वे भारत के साथ संबंध सुधारना चाहते हैं।

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया मोड़, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस डायलॉग के दौरान भारत के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने की बात कही।

उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने रक्षा सहयोग, हवाई संपर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान और आपसी व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास और आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी।”

उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र वैश्विक आर्थिक विकास का दो-तिहाई हिस्सा बनने जा रहा है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की भी प्रशंसा की और कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में 65 करोड़ से अधिक भारतीयों की भागीदारी विश्व के लिए प्रेरणादायक है।

अगले सत्र में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

आगामी दिनों में रायसीना डायलॉग में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। भारत इस मंच का उपयोग अपनी नीतियों और दृष्टिकोण को साझा करने के लिए कर रहा है, जिससे वह वैश्विक राजनीति में एक अहम भूमिका निभा सके।

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