- वक्फ संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा में 128 के मुकाबले 95 मतों से पारित हुआ।
- केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को मुस्लिम समुदाय की महिलाओं और गरीबों के लिए लाभकारी बताया।
- मल्लिकार्जुन खरगे ने विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए इसका विरोध किया।

वक्फ संशोधन विधेयक 2025, जो पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका था, अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है। यह विधेयक 128 के मुकाबले 95 मतों से मंजूरी प्राप्त कर चुका है। सरकार का दावा है कि इससे देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों की स्थिति में सुधार होगा, खासकर मुस्लिम महिलाओं की स्थिति में बदलाव आएगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि देश में वर्तमान में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, और यदि हम सच्चर समिति की रिपोर्ट को ध्यान में रखें, तो इन संपत्तियों से साल दर साल अधिक आय उत्पन्न हो रही है। सच्चर समिति ने 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियों से 12,000 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान लगाया था। अब, यह संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे समाज में महत्वपूर्ण बदलाव लाए जाने का दावा किया जा रहा है।
विपक्ष ने विधेयक को मुस्लिम विरोधी बताया
विपक्ष की ओर से इस विधेयक को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदाय को कमजोर करने और उनका उत्पीड़न करने के लिए लाया गया है।
खरगे ने कहा कि इस समय देश में ऐसा माहौल बन गया है कि इस विधेयक को अल्पसंख्यकों को तंग करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि इस विधेयक को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं और सरकार इसे वापस ले ले।
लोकसभा में विधेयक की मंजूरी
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पहले ही लोकसभा में पारित किया जा चुका है। वहां वोटिंग में 288 सांसदों ने इसके पक्ष में और 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया था। लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इस विधेयक से जुड़े कई भ्रांतियों को लेकर राजनीति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर इन भ्रांतियों को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो सदन और देश की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक?
वक्फ संशोधन विधेयक 2025, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से इन संपत्तियों का संचालन और आय का वितरण अधिक पारदर्शी और समग्र तरीके से किया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों से उत्पन्न आय का सही उपयोग करना और समाज के उन वर्गों तक लाभ पहुंचाना है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, इस विधेयक को लेकर विपक्ष की आपत्ति है कि इसके कुछ प्रावधान मुस्लिम समुदाय के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।