सांचौर के सत्यपुर क्लब की पहल..., पीड़ित और गरीब परिवारों के घर पहुँच कर सौंपी राशन सामग्री

सांचौर के सत्यपुर क्लब की पहल..., पीड़ित और गरीब परिवारों के घर पहुँच कर सौंपी राशन सामग्री

सांचौर के सत्यपुर क्लब की पहल..., पीड़ित और गरीब परिवारों के घर पहुँच कर सौंपी राशन सामग्री
सांचौर के सत्यपुर क्लब की पहल..., पीड़ित और गरीब परिवारों के घर पहुँच कर सौंपी राशन सामग्री


फर्स्ट राजस्थान @ जालोर

कोई एक शख्स तो यूँ मिले,
कि वोह मिले तो, सुकून मिले….

कुछ ऐसा ही अहसास उन पीड़ित परिवारों को हुआ, जिनके घर सत्यपुर क्लब के सदस्य पहुंचे। खुद के लिए तो दुनिया जीती है कुछ औरों के लिए जीकर तो देख, तुम्हें मानव बनाकर भेजा है, तू इंसान बनकर तो देख… इन्हीं शब्दों को चरितार्थ कर रहा है। सांचौर का सत्यपुर क्लब। सत्यपुर क्लब हर बार सहायतार्थ को लेकर आगे रहता हैं। और गरीबों की मदद करता है। कुछ दिनों पूर्व सांचौर में सड़क हादसे में मोखातरा निवासी पंखी देवी पत्नी नागाराम भील व उसकी बच्ची की मौत हो गई थी। जिसके बाद में सत्यपुर क्लब के सदस्यों के द्वारा मिलकर नागाराम के लिए सहयोग राशि एकत्रित की गई। सोमवार को सत्यपुर क्लब के सदस्यों के द्वारा मोखातरा पहुंच कर गरीब परिवार को 2 महीने की राशन सामग्री सहित कपड़े, कम्बल एवं इलेक्ट्रॉनिक टॉर्च दी गई।

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इसी दौरान सत्यपुर क्लब के सदस्यों को इसी गांव में एक और गरीब परिवार की सूचना मिली। जिसमे परिवार का मुखिया चुनाराम पुत्र गणेशाराम भील की करंट लगने से मौत हो गई थी। चुनाराम के 4 बच्चों का गुजारा मुश्किल से हो रहा था। इसी को लेकर सत्यपुर क्लब के द्वारा इस परिवार को भी 2 महीने की राशन सामग्री व कपड़े - कंबल दिए गए। वहीं क्लब के सदस्य श्रवण सुथार के द्वारा पीड़ित परिवार को 5100 रुपयों की सहायता प्रदान की गई। साथ ही गरीब परिवार को सत्यपुर क्लब के सदस्यों के द्वारा 1 वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। इस मौके पर सत्यपुर क्लब के अध्यक्ष महेंद्र सिंह झाब, समस्त व्यापार संघ के अध्यक्ष हरीश पुरोहित, दिनेश खत्री, नीता क्लॉथ श्रवण सुथार, हरीश परमार, गजेंद्र सिंह कारोला, मोहन मांजू, पुखराज विश्नोई एवं ओम प्रकाश बिश्नोई, जिलाअध्यक्ष कांग्रेस शिक्षा प्रकोष्ठ जालौर एवं तौफीक हुसैन मौजूद रहे।

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बाड़मेर में भी ऐसी मानवीय सेवा में जुटा है द चौपाल
जिस प्रकार से सत्यपुर क्लब की ओर से मानवीय सेवा में अहम भूमिका निभाई जा रही है। ठीक वैसी ही बाड़मेर जिले में द चौपाल समूह भी कार्य में जुटा हुआ है। इस समूह की ओर से भी आपदा पीड़ित उस हर परिवार की तत्काल सहायता की जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर है। समाज में इस प्रकार की सेवा करने के लिए न केवल जज्बा बल्कि भावना होनी भी आवश्यक है। इन समूहों की ओर से मानवीय सेवा में दिया जा रहा योगदान काबिले तारीफ है। अन्य के लिए प्रेरणादायी भी है।