जालोर नगर परिषद बोर्ड ने निभाया राजधर्म, रिश्वतखोरी के मामले में अभियुक्त चालक के अभियोजन की नहीं दी स्वीकृति

जालोर नगर परिषद बोर्ड ने निभाया राजधर्म, रिश्वतखोरी के मामले में अभियुक्त चालक के अभियोजन की नहीं दी स्वीकृति

जालोर नगर परिषद बोर्ड ने निभाया राजधर्म, रिश्वतखोरी के मामले में अभियुक्त चालक के अभियोजन की नहीं दी स्वीकृति
जालोर नगर परिषद बोर्ड ने निभाया राजधर्म, रिश्वतखोरी के मामले में अभियुक्त चालक के अभियोजन की नहीं दी स्वीकृति

फर्स्ट राजस्थान @ जालोर
नगरपरिषद जालोर की सोमवार करीब साढ़े ग्यारह बजे आवश्यक बैठक हुई। इस बोर्ड की सम्भवतया यह अंतिम बैठक होगी, लेकिन यहां भी बैठक में हंगामा बरपा। प्रतिपक्ष नेता मिश्रीमल गहलोत व विपक्षी पार्षदों ने समस्याओं को लेकर जमकर खरी खोटी सुनाई। बैठक में दो एजेंडों पर स्वीकृति हुई। पहली यह कि पूर्व सहायक अभियंता स्व. महेश राजपुरोहित का निधन हो गया था। मृतक अनुकम्पा पर आश्रित उनकी पत्नी मंजू पुरोहित को सहायक राजस्व निरीक्षक लगाने की स्वीकृति दी गई। जब इस एजेंडे पर चर्चा हुई तो पार्षदों ने नियमानुसार कार्य के हामी भर दी। इस दौरान यहां मौजूद मंजू पुरोहित की आंखों में आंसू छलक पड़े।

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वहीं एक और स्वीकृति थी, जो एसीबी प्रकरण से जुड़ी हुई है। दरअसल करीब सवा दो साल पहले आयुक्त त्रिकमदान चारण को एसीबी ने पचास हजार रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। इस मामले में परिषद का चालक दिनेश कुमार भी अभियुक्त है, जिसके विरुद्ध अभियोजन चलाने की एसीबी ने स्वीकृति मांगी थी, लेकिन नगरपरिषद बोर्ड बैठक में चालक के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति नहीं दी गई। ऐसे अभी एसीबी को और इंतजार करना पड़ेगा।

mishrimal gehlot v/s bhanwerlal

यह किराणा की दुकान नहीं है…
बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष मिश्रीमल गहलोत ने आयुक्त जगदीश खीचड़ को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कोई किराणा की दुकान नहीं है कि मर्जी आये बेठक बुला ली जाय, लेकिन कोई सुनवाई तो होती नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर में आवारा मवेशियों पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। पिछले दिनों एक व्यक्ति को गम्भीर घायल कर दिया था। समस्याओं और आरोप प्रत्यारोप के रूप में गहलोत और सभापति भंवरलाल माली के बीच लम्बी बहस हुई।

mamta jain ward member

घटिया काम का भुगतान क्यों??
पार्षद ममता जैन ने कहा कि शहर में सड़कों का घटिया काम किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं होती। सड़क उधड़ रही है और आप ठेकेदार को भुगतान करते जा रहे हो। ठेकेदार लम्बे समय तक कार्य को अटकाए रखे हुए है। कोई सुनवाई भी नहीं हो रही। जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। इस पर सभापति ने कहा कि कांग्रेस 70 साल से आरोप ही लगा रही है। इसके जवाब में ममता जैन ने कहा कि कांग्रेस ने काम किया है इसलिये ही तो 70 साल राज किया, लेकिन नगरपरिषद में पार्टीवाद को छोड़कर शहर के विकास पर बात करनी चाहिए।

jitendra prajapat, ward member

मेरे वार्ड की उपेक्षा क्यों??
बैठक में निर्दलीय पार्षद जीतू प्रजापत ने कहा कि उनके वार्ड में उपेक्षा की जा रही है। 5 साल से काम की मांग कर रहे है, लेकिन कुछ भी काम नहीं किया गया। उन्होंने सभापति पर पक्षपात का आरोप लगाया। बैठक में मोडाराम, हंसमुख समेत कई पार्षदों ने वार्डो में समस्याओं व कार्य नहीं होने के आरोप लगाए। बैठक में उपसभापति मंजू सोलंकी उपस्थित नहीं हो पाई। जबकि भरत मेघवाल, अम्बालाल व्यास, अचलसिंह, ओमप्रकाश माली, ममता भादरु समेत पार्षद मौजूद थे।

dinesh kumar, driver

यह था चालक दिनेश का मामला

जालोर नगर परिषद आयुक्त त्रिकमदान चारण रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हुए. एसीबी ने उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया। वे पट्टा जारी करने की एवज में एक व्यक्ति से 50 हजार रुपए रिश्वत ले रहे थे। एसीबी के उपाधीक्षक अन्नराजसिंह राजपुरोहित ने बताया कि आयुक्त चारण ने राजेंद्र नगर निवासी डायाराम माली से आइटीआई के पास प्लॉट का पट्टा बनाने के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की थी। परिवादी की शिकायत का सत्यापन करने पर शिकायत सही पाई गई। एसीबी के कहेनुसार परिवादी सुबह 7 बजे रिश्वत देने पहुंचा। आयुक्त ने परिवादी को चाय पिलाकर बाहर बैठा दिया। इसके बाद आयुक्त को कार्रवाई का शक हो गया था। इस पर करीब डेढ़ घंटे तक अपने आवास के बाहर राजेंद्र नगर मैन रोड मलकेश्वर मठ रोड पर घूमते रहे। बाद में वो अपने आवास पर पहुंचे तथा परिवादी को बुलाकर रुपए लेकर जेब में रख लिए। परिवादी के इशारा करते ही एसीबी ने आयुक्त की जेब से रुपए बरामद कर गिरफ्तार कर लिया। परिवादी डायाराम माली ने बताया कि पिछले महीने शिविर के दौरान वह आयुक्त से पांच बार और मिले मगर आयुक्त ने पट्टे पर हस्ताक्षर नहीं किए। इससे तंग आकर वह 20 जुलाई 2017 को आयुक्त के आवास पहुंचे तथा उन्हें लिफाफे में 10 हजार रुपए डालकर दिए। तब आयुक्त ने वहां खड़े ड्राइवर दिनेश कुमार को लिफाफा लेने की बात कही तथा उन्हें दूसरे दिन काम करने का आश्वासन दिया।

https://youtu.be/HRvr67e8tWo