- 90 मिनट की वार्ता – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर 90 मिनट तक बातचीत हुई।
- सीजफायर की सहमति – रूस 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेगा, जिससे बिजली ग्रिड और नागरिक बुनियादी ढांचे को सुरक्षा मिलेगी।

यूक्रेन युद्ध पर संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मंगलवार को फोन पर 90 मिनट तक बातचीत हुई। यह वार्ता भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू हुई।
व्हाइट हाउस ने बताया कि रूस 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेगा। इसके अलावा, आज रूस और यूक्रेन 175-175 कैदियों की अदला-बदली करेंगे।
रूस की मांग है कि सीजफायर के दौरान यूक्रेन की सेनाओं की गतिविधियां सीमित रहें। साथ ही, ब्लैक-सी में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी जल्द बातचीत होगी।
रूस-यूक्रेन संघर्ष में अब तक की अहम वार्ताएं
- 12 फरवरी – ट्रम्प और पुतिन के बीच फोन पर पहली वार्ता
- 27 फरवरी – इस्तांबुल में अमेरिकी और रूसी राजनयिकों की बैठक
- 13 मार्च – ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की पुतिन से मुलाकात
- 18 मार्च – ट्रम्प और पुतिन के बीच संघर्ष विराम पर 90 मिनट की बातचीत
क्रेमलिन का बयान: संघर्ष विराम की निगरानी पर जोर
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन ने ट्रम्प से संघर्ष विराम की निगरानी पर चर्चा की। उन्होंने यह भी मांग रखी कि यूक्रेन को विदेशी सैन्य और खुफिया सहायता तुरंत रोकी जाए।
यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा से अमेरिका को फायदा?
अमेरिका ने पहले 30 दिनों के पूर्ण युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, जिस पर यूक्रेन ने पहले ही सहमति जता दी थी। हालांकि, रूस ने फिलहाल केवल ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने पर हामी भरी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा से अमेरिका को आर्थिक लाभ हो सकता है। अमेरिका खनिज उत्खनन और प्रसंस्करण के लिए यूक्रेन के साथ समझौते की तैयारी कर रहा है, जिसमें बिजली की जरूरत होगी।
गौरतलब है कि रूस ने फरवरी 2022 के हमले के बाद से बार-बार यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड को नुकसान पहुंचाया है। इसके जवाब में यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर कई हवाई हमले किए हैं।
कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
क्रेमलिन ने बताया कि दोनों नेताओं ने कैदियों की अदला-बदली, समुद्री सुरक्षा और आपसी संबंधों पर चर्चा की। पुतिन ने ट्रम्प के प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
इसके अलावा, अमेरिका-रूस संबंधों को सामान्य बनाने, वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई।