आयुष नर्सेज महासंघ की सरकार के साथ हुई वार्ता, जल्द होगी आयुष कर्मियों की विभाग में वापसी

आयुष नर्सेज महासंघ की सरकार के साथ हुई वार्ता, जल्द होगी आयुष कर्मियों की विभाग में वापसी

  • आयुष नर्सेज महासंघ की आयुर्वेद सचिव व उपसचिव के साथ हुई वार्ता में दिये संकेत
  • नर्सेज की अन्य मांगों पर भी हुई सकारात्मक चर्चा

फर्स्ट राजस्थान @ जयपुर।

आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग, जयपुर की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ तथा उपशासन सचिव राजेन्द्र कुमार चतुर्वेदी के साथ बुधवार को अखिल राजस्थान राज्य आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी व प्रमुख महामंत्री जीएल यादव के साथ अलग अलग सम्पन हुई वार्ता में कोविड - 19 के तहत विगत 55 दिन से मेडिकल विभाग के अधीन कार्य कर रहे प्रदेश के 6 हजार से अधिक आयुष कर्मियों की अब जल्द ही उनके मूल विभाग में घर वापसी होने के संकेत मिले है।

महासंघ प्रदेश अध्यक्ष छीतर मल सैनी ने बताया कि 2 जून को आयुर्वेद सचिव से दूरभाष पर हुई वार्ता के सन्दर्भ में प्रदेश के आयुष नर्सेज की वर्तमान परिपेक्ष्य में उत्तपन्न समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को शासन सचिवालय स्थित उनके कक्ष में आयुर्वेद सचिव राठौड़ व उपसचिव चतुर्वेदी व विशेषाधिकारी डॉ. मनोहर पारीक के साथ महासंघ के पदाधिकारियों की नर्सेज की मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें आयुष नर्सेज का पदनाम परिवर्तन कर नर्सिंग ऑफिसर करने , नर्सेज का ग्रामीण कैडर समाप्त करने , आयुर्वेद नर्सेज की 550 की नई भर्ती को शीघ्र करवाने, वर्ष 2013 के 1005 पदों को पुनः सर्जित करने , आयुष विभाग को मेडिकल की अधीनता से जल्द मुक्त करने,आयुष कर्मियों को जोखिम भत्ता व 50 लाख का बीमा रिस्क कवर प्रदान करने तथा नर्सेज का कैडर रिव्यू करने आदि आधा दर्जन मांगों पर विस्तृत सकारात्मक चर्चा हुई जिसमें पदनाम बदलकर नर्सिंग ऑफिसर करने व 1005 पदों को पुनः सर्जित करने बाबत प्रस्ताव आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी निदेशालयों से शीघ्र मंगवाकर आगामी प्रशासनिक मीटिंग एजेण्डे में शामिल करने व नई भर्ती की वित्तीय स्वीकृति जल्द ही जारी करवाने पर जोर दिया गया। जिसमें अधिकांश मांगों का शीघ्र ही समाधान करवाने का आश्वासन सरकार द्वारा महासंघ को दिया गया।

साथ ही महासंघ प्रदेश प्रमुख महामंत्री जीएल यादव ने अलवर डी डी कार्यालय को काफी दूर अवस्थित करने का मामला भी उठाया जिस पर उपशासन सचिव ने इसके लिये लिखित में प्रस्ताव भिजवाये जाने के निर्देश दिये !