
जयपुर, 19 सितंबर 2025: राजस्थान की कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को कई अहम फैसले लिए गए, जिनसे खेल, चिकित्सा शिक्षा और पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नई शुरुआत, एनआरआई विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के अवसर, और दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के लिए पेंशन सुधारों पर सहमति दी गई।
- महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का गठन
राजस्थान सरकार ने राज्य में विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर विधेयक-2025 का प्रारूप अनुमोदित किया। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से, राज्य में आधुनिक खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली की स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित खेलों की गुणवत्ता में सुधार और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। यह विश्वविद्यालय खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, और परफॉर्मेन्स एनालिटिक्स पर शोध को बढ़ावा देगा
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, एनआरआई मेडिकल फीस में संशोधन
कैबिनेट ने राजमेस मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटा सीटों के लिए फीस में संशोधन का निर्णय लिया है। अब, एनआरआई कोटा सीटों की फीस को तर्कसंगत बनाकर लगभग 23.93 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया जाएगा, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की औसत फीस के बराबर होगी। इससे एनआरआई छात्रों को राजमेस कॉलेजों में प्रवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा, और राजमेस सोसायटी को अतिरिक्त 45 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त होगा।
दिवंगत कर्मचारियों के माता-पिता और दिव्यांग संतान के लिए पेंशन में सुधार
राज्य सरकार ने पेंशन नियमों में संशोधन किया है। अब दिवंगत कार्मिक के माता-पिता को 50 प्रतिशत तक पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलेगा, जबकि पहले उन्हें केवल 30 प्रतिशत पेंशन मिलती थी। साथ ही, मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग संतान को विवाह के बाद भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने का अधिकार मिलेगा।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन
राज्य मंत्रिमंडल ने 5,200 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति भी दी। इससे राज्य में अक्षय ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
राजस्थान पर्यटन सेवा और पुरातत्व सेवा के नियमों में बदलाव किए गए हैं। अब, इन विभागों में कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिसमें वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त निदेशक जैसे पद शामिल हैं।



