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जालोर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल टॉवर चोरी गैंग का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, 1 करोड़ का सामान जब्त

जालोर, 09 सितंबर 2025।
राजस्थान के जालोर जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मोबाइल टावरों से करोड़ों रुपये के नेटवर्क उपकरण चोरी कर रहा था। इस गिरोह ने पिछले एक साल में करीब 100 वारदातों को अंजाम दिया और दूरसंचार कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचाया।


📍 कैसे फंसे आरोपी?

रामसीन थाना पुलिस को 4 सितंबर को गजेंद्रसिंह नामक सुरक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट दी थी। शिकायत में बताया गया कि 2-3 सितंबर की रात एयरटेल कंपनी के टॉवर से महंगी मशीनें चोरी हो गईं। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने विशेष टीम बनाई और संदिग्धों पर निगरानी शुरू की।


👮 दबिश और बरामदगी

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी स्वीकार की और बताया कि वे पहले टॉवर कंपनी में काम कर चुके हैं। इसी अनुभव और पहचान पत्र का फायदा उठाकर वारदात करते थे।

उनकी निशानदेही पर पाली जिले की एक कबाड़ी दुकान से भारी मात्रा में चोरी का माल बरामद हुआ। इसमें शामिल हैं:

  • 19 आरआरयू मशीनें
  • 08 बीटीएस
  • 07 आरटीएन
  • 01 पीडीयू
  • 01 पीएफडब्ल्यू
  • 10 मैग कार्ड
  • 08 आईएलसी3
  • 150 किलो वजन के 40 तारों के बंडल

बरामदगी की कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। साथ ही, चोरी में प्रयुक्त दो स्विफ्ट कारें भी जब्त हुईं।


🕵️ कौन हैं आरोपी?

गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी हैं:

  1. राकेश पंवार (26, जोधपुर ग्रामीण)
  2. चिमनाराम (22, जोधपुर ग्रामीण)
  3. महिपाल (26, जोधपुर ग्रामीण)
  4. सुरेश (25, जोधपुर ग्रामीण)
  5. भीमाराम (70, पाली) – कबाड़ी, जो चोरी का माल खरीदता था

इनमें से सुरेश पर पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।


🔎 गिरोह का तरीका-ए-वारदात

  • मोबाइल से टॉवर की लोकेशन ट्रेस करते थे।
  • निजी कार से मौके पर पहुँचते थे।
  • कंपनी आईडी और पूर्व अनुभव का इस्तेमाल कर आसानी से टॉवर पर चढ़ जाते थे।
  • मशीनें निकालकर कनेक्शन काटते और संदेश सिस्टम को एक्टिव होने से पहले भाग जाते थे।
  • चोरी का माल कबाड़ी के पास बेचकर मुनाफा कमाते थे।

🌍 कहां-कहां की वारदात?

जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक साल में करीब 90-100 चोरी की घटनाएं कीं।

  • जालोर जिले में – 34 वारदातें
  • सिरोही – 18
  • पाली – 9
  • बाड़मेर – 3
  • बालोतरा – 2
  • जोधपुर ग्रामीण – 9
  • जोधपुर कमिश्नरेट – 1
  • नागौर – 3
  • उदयपुर – 7
  • अजमेर – 1

🚨 पुलिस की टीम और आगे की जांच

इस कार्रवाई में रामसीन थानाधिकारी तेजुसिंह सहित दर्जनों पुलिसकर्मी शामिल रहे। बरामद माल की जांच और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के तार राजस्थान से बाहर तक फैले हैं या नहीं।

👮 पुलिस टीम की भूमिका

  • उपनिरीक्षक: तेजुसिंह (थानाधिकारी), अमरसिंह, उम्मेदाराम, भागवतसिंह (एएसपी कार्यालय जालोर)
  • हेड कांस्टेबल: रमेशचंद्र, रूपसिंह (थाना बागरा)
  • कांस्टेबल: प्रकाश, नरपतसिंह, भागीरथ, गोपाराम, सुकराम, रमेशकुमार, रियाज, कुलदीपसिंह, जयंतीलाल, ओमप्रकाश (थाना रामसीन), किशनलाल (साइबर सेल जालोर), भाणाराम (थाना जसवंतपुरा), भरत कुमार, भजनलाल, भैराराम, मूलसिंह, मलखान मीणा, सुंदरसिंह, राजू गुर्जर, ओमवीर गुर्जर (पुलिस लाइन जालोर)
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