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सेवा पखवाडा के रक्तदान अभियान की तरफ रूख किए बिना लौटे राज्यमंत्री देवासी

– आगाज व प्रस्थान दोनों समय राज्यमंत्री ने झेला विरोध
– मेगा रक्तदान शिविर लगाया पर नाम मात्र के रक्तदाता पहुंचे

सिरोही जिला मुख्यालय पर रक्तदान के बाद प्रमाण पत्र लेते जिला महामंत्री गणपत सिंह।

गणपत सिंह मांडोली

सिरोही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर बुधवार को सिरोही जिले में सेवा पखवाडा शुरू हुआ। इसके तहत सिरोही भाजपा की तरफ से सिरोही अम्बेडकर मेडीकल काॅलेज से संबद्ध चिकित्सालय में रक्तदान का आयोजन किया गया था। प्रदेश के पंचायत राज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की शुरूआत के लिए इसी चिकित्सालय पहुंचे। लेकिन, उन्होंने रक्तदान शिविर की ओर झांकने की भी जहमत नहीं उठाई। ये कार्यक्रम सिमटने के बाद जो आंकडा आया वो प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों के बखान करके चुनाव जीतने और मंत्री बनने वाले ओटाराम देवासी की जीत के अंतर का एक हजारवां हिस्सा भी नहीं था।

ओटाराम देवासी सिरोही विधानसभा से अब तक की सबसे ऐतिहासिक 35 हजार वोटों से जीते थे। इसका हजारवा हिस्सा यानि की 35 लोगों को भी ये प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर अपने रक्तदान करने को प्रोत्साहित नहीं कर सके। स्वास्थ्य कारणों से मंत्री तो रक्त नहीं दे सकते थे, लेकिन सिरोही जिले में मंत्री के बाद सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाने वाले उनके पुत्र का भी नाम यहां की रक्तदाता सूची में नहीं नजर आया।

सिरोही जिले में जिला मुख्यालय के अलावा आबूरोड में भी दो जगहों पर रक्तदान हुआ। भाजपा के चार मंडलों को रक्तदान शिविर आबूरोड के ज्ञानदीप में हुआ। इसमें 102 लोगों ने रक्तदान किया। वहीं ग्लोबल हाॅस्पीटल के ब्लड बैंक में ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से हुए रक्तदान शिविर में 19 लोगों ने रक्तदान किया। पिंडवाड़ा विधानसभा और सिरोही विधानसभा में भाजपा के विधायक हैं और रेवदर विधानसभा में कांग्रेस का। भाजपा की परफॉर्मेंस वहां अच्छी थी जहां वो विपक्ष में है। वरना सिरोही के बल्ड बैंक में इतनी संख्या।में रक्तदान तो प्रतिदिन रक्त रिप्लेसमेंट में ही हो जाता है।

सिरोही में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित सेवा पखवाड़े के पहले दिन रक्तदान के लिए लगाया गया शिविर।



– सिर्फ बीस लोगों ने किया रक्तदान


ओटाराम देवासी के विधानसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर सिर्फ बीस लोगों ने ही रक्तदान किया। सूत्रों के अनुसार इनमें से भाजपा से जुडे 13 ही लोग थे। शेष सात लोग वो थे जिन्होंने किसी चिकित्सालय में भर्ती अपने करीबी को ब्लड बैंक से खून देने के लिए अपना खून रिप्लेस करवाया था।

ये हालात तब थे जब सिरोही जिला मुख्यालय पर ही प्रधानमंत्री के जन्मदिन के पखवाडे की शुरूआत पर आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी के कई सारे लोग एकत्रित हुए थे। मंत्री इन कार्यक्रमों में गए भी थे। लेकिन, वो यहां मौजूद कार्यकर्ताओं को भी रक्तदान के लिए प्रोत्साहित नहीं कर सके।

सिरोंही में सेवा पखवाड़े के पहले दिन रक्तदान अभियान में लगाया गया बैनर।



-रक्तदान के बैनर वाले संस्थान भी रहे नीरस!


सिरोही चिकित्सालय में रक्तदान का जो बैनर लगा था वो ये जाहिर कर रहा है कि इस शिविर में किन किन का सहयोग रहा। इस बैनर के अनुसार ये कार्यक्रम अखिल भारतीय तेरापंथ संथान, तेरापंथ युवक परिषद उदयपुर, सिरोही भाजपा नगर मंडल और सिरोही की एक रीयल ऐस्टेट कंपनी के तत्वावधान में हुआ था। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सिरोही की एक निजी शिक्षण संस्थान का सहयोग था।

अगर सिर्फ इन संस्थानों के लोग भी इस दिन रक्तदान करने पहुंच जाते को कम से कम प्रधानमंत्री की उम्र के जितने रक्तदाता तो जुट ही जाते। पंजीयन बढ़ाने की खातिर जनाना अस्पताल में पर्ची काटने का काउंटर ही बंद कर दिया गया। जनाना की ओपीडी ही शिविर से चलाई गई। जनाना अस्पताल में आने वाले मरीजों को शिविर में पंजीयन कराते हुए पर्ची कटानी पड़ी। इसके बाद मरीज पर्ची लेकर वापस जनाना अस्पताल गए तथा उपचार करवाया।


– चिकित्सालय में घुसते ही हुआ विरोध


राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में बुधवार को स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के आगाज पर अव्यवस्थाएं हावी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुरू किए इस अभियान में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही कुछ कम रूचि दिखाई। कार्यक्रम के आगाज पर पहुंचे राज्यमंत्री ओटाराम देवासी को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यमंत्री के आगमन व प्रस्थान के दौरान घेराव किया। ऐसे में राज्यमंत्री का मूड भी कुछ उखड़ा सा नजर आया। वे अस्पताल का जायजा लिए बगैर ही रवाना हो गए। हालांकि जिला कलक्टर ने उनसे मोर्चरी की ओर जाने की बात भी कही, लेकिन वे अनसुना कर गए।

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