spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
HomeRajasthanआपदा में भी खास होटल वालों पर मेहरबान माउण्ट आबू प्रशासन!

आपदा में भी खास होटल वालों पर मेहरबान माउण्ट आबू प्रशासन!

माउंटआबू में पर्यटकोंऔर भारीवाहनोंको रोकने के लिए तलहटी पर खड़ी की गई पुलिस।

– चार दिन में दुरुस्त होगा माउंट आबू मार्ग
– अगले आदेश तक रात्रि में आवाजाही पूर्णतः बंद
– रास्ता सुधरने तक पर्यटकों की आमद पर रोक

आबूरोड। आबूरोड से माउण्ट आबू के बीच का रास्ता टूट गया है। माउण्ट आबू में रात्रि को किसी भी तरह के वाहन को जाने की मनाही है। पर्यटकों के मामले में माउण्ट आबू उपखण्ड अधिकारी के आदेश पर आबूरोड तलहटी पर से ही लौटा दिया जा रहा है। लेकिन, यहां से लौट रहे पर्यटकों के मन में वो तीन बसें अभी भी खटक रही हैं। जिनके पर्यटकों को माउण्ट आबू प्रशासन के आदेश के नाम पर छोटी गाडियों से माउण्ट आबू रवाना किया गया। इसे लेकर तलहटी से लौट रहे पर्यटकों में नाराजगी थी।लगातार बारिश के कारण माउण्ट आबू आबूरोड के बीच का रास्ते का कुछ हिस्सा ढह गया है। इसे लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है।

माउण्ट आबू की उपखण्ड अधिकारी ने सभी होटल संचालकों को अपनी बुधवार तक की बुकिंगे रद्द करने को कहा था। कईयों ने कर भी दी। लेकिन, सोमवार दोपहर को एक मामला आबूरोड तलहटी में ऐसा आया जिसे बताते हुए पर्यटकों ने नाराजगी दिखाई। दोपहर को आबूरोड तलहटी पर तीन ट्रेवल्स की बसें आई। माउण्ट आबू उपखण्ड प्रशासन ने बडे वाहनों की माउण्ट आबू में आवाजाही रविवार से ही बंद कर दी गई थी। ऐसे में इन बसों को तलहटी पर खडे पुलिसकर्मियों ने तलहटी पर ही रोक दिया। यहां खडे पुलिसकर्मियों को छोटे वाहनों से भी किसी पर्यटक को माउण्ट आबू नहीं आने देने के आदेश हैं। ये पुलिसकर्मी ऐसा कर भी रहे हैं।

आबूरोड माउण्ट आबू की लोकल निजी गाडियों को भी माउण्ट आबू तभी जाने दे रहे हैं जब या तो उसमें बैठे लोग उन्हें माउण्ट आबू का आधार कार्ड दिखा देवें या फिर कोई बहुत ही ज्यादा आवश्यक सेवा से जुडा हुआ व्यक्ति हो। लेकिन, इस बीच माउण्ट आबू से कुछ गाडियां आती हैं। वो गुजरात से आई तीन बसों में बैठे पर्यटकों को छोटी गाडियों में भरकर माउण्ट आबू ले जाती हैं। इन छोटी गाडियों से पर्यटकों को जाते देखकर विभिन्न प्रदेशों से निजी छोटे वाहनों में आए पर्यटक पुलिस वालों से बस वाले पर्यटकों को छोटे वाहन से जाने देने और उन्हें रोकने की वजह पूछते हैं। तो पर्यटकों को पता चलता है कि इन लोगों को माउण्ट आबू प्रशासन का कथित लिखित आदेश आने पर ही भेजा गया हैं।

बसों वाले पर्यटक किसी खास होटल की बुकिंग थी। तलहटी पर होटलों की एडवांस बुकिंग वाले कई सारे पर्यटक अनुरोध करते रहे। यहां तक कि उत्तर प्रदेश के किसी शहर में मेट्रो का काम देखने वाली एमएनसी की विदेशी महिला कर्मचारी भी वहां पर अनुमति दिए जाने की आस में काफी देर अटकी रही। लेकिन, इन लोगों की बुकिंग होने बावजूद माउण्ट आबू प्रशासन की विशेष मेहरबानी वाला अनुंमति पत्र नहीं था इसलिए इनमें से अधिकांश को मायूस होकर लौटना पडा।

चार दिन तक नहीं आएं पर्यटक

माउण्ट आबू की उपखण्ड अधिकारी अंशु प्रिया ने रविवार को देर रात को आपात बैठक आयोजित की थी। इसमें स्थानीय व्यापारियों और होटल वालों को बुलवाया गया था। इसमें आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की जानकारी ली। होटल व्यवसाइयों को बुधवार तक की सभी बुकिंगे निरस्त कर देने को कहा। उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि बारिश रुकने के आसार हैं ऐसे में शीघ्रातिशीघ्र ही इस मार्ग की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एसई, एक्सईएन और एईएन के साथ टूटे हुए रास्ते का अवलोकन भी किया। उन्होंने अगले वीकेंड से पहले रास्ते को दुरुस्त करके व्यवस्था सुचारू हो जाने की पूर्ण संभावना जताई। तब तक माउण्ट आबू में भारी वाहनों को प्रवेश, छोटे वाहनों से पर्यटकों को प्रवेश नहीं होगा। वहीं रात साढे आठ बजे से सुबह 6 बजे तक हर तरह के वाहन का प्रवेश वर्जित होगा।

संबंधित ख़बरें

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें