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बकरियां चराने गई बालिका को पेंथर ने उतारा मौत के घाट

वन विभाग ने लगाए पिंजरे

सिरोहीमें रोहिड़ाके निकट पैंथर के हमले में जान गंवाने वाली बालिका

सिरोही। जिले के रोहिड़ा थाना क्षेत्र के धनारी के रोहिड़ा जोड़ फली में गुरूवार को बकरियां चराने गई एक बालिका पर पेंथर ने हमला कर दिया।पेंथर ने हमला कर बालिका की गर्दन को दबोच लिया।पेंथर का हमला इतना तेज था कि बालिका कि मौक़े पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार रोहिड़ा जोड़ फली निवासी विमला पुत्री उजमाराम(12)अपनी सहलियों के साथ बकरियां चराकर वापस लौट रही थी। उसी दौरान पहले से झाड़ियों में घात लगाकर बैठे पेंथर ने विमला पर हमला कर दिया। पेंथर ने विमला की गर्दन को दबोच लिया।हमले में विमला की गर्दन समेत शरीर के ऊपरी हिस्से में गहरे घाँव हो गए।पेंथर का हमला इतना तेज था कि विमला कि मौक़े पर ही मौत हो गई।परिजन शव को लेकर रोहिड़ा अस्पताल पहुंचे जहां पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

वन विभाग के अधिकारी पहुंचे मौक़े पर

घटना की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय से वन विभाग के अधिकारी भी मौक़े पर पहुंचे और पेंथर की तलाश शुरू की।वन विभाग के अधिकारी-कार्मिकों ने घटनास्थल के पास ही पिंजरा लगाया गया साथ ही पेंथर के पागमर्ग को भी देखा जा रहा हैं।वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा फ़िलहाल पेंथर से सतर्क रहे।

सिरोही जिले में भी जानलेवा हुआ पैंथर

पहले ही चेताया था

ग्रामीणों एवं परिजनों का कहना था कि वन विभाग को पहले ही चेताया था लेकिन विभाग कि ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी का खामियाजाना बालिका विमला को अपनी जान गंवाकर उठाना पड़ा। गौरतलब हैं कि कुछ दिन पूर्व भी बसंतगढ़ इलाके में इसी तरह का पेंथर का हमला हुआ था जिससे लोगों में दहशत का माहौल हैं। एक के बाद एक हो रहे पेंथर के हमले से लोगों में विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश हैं। ग्रामीणों ने मांग कि जल्द ही पेंथर को पकड़ा जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

लोढ़ा ने की CWC से बात

सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 12 वर्षीय विमला की दर्दनाक मौत पर पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट करते हुए बताया कि पिंडवाड़ा क्षेत्र में पिछले 10 दिनों में लेपर्ड के हमले से हुई दूसरी इंसानी मौत हुई हैं। उन्होंने वन विभाग जोधपुर के मुख्य वन संरक्षक आर के जैन से दूरभाष पर बात कर दोबारा किसी इंसान पर हमला ना हो इसके पुख्ता प्रयास किए जाए।

इसके साथ ही उन्होंने बसंतगढ़ के पास 10 दिन पूर्व हुए लेपर्ड के हमले से एक आदिवासी की मौत के बाद राज्य सरकार की ओर से उसे अभी तक आर्थिक सहायता नहीं दी गई हैं। उसे तत्काल 5 लाख रूपये आर्थिक सहायता मुहैया करवाने की बात रखी। इसी के साथ विमला की मौत पर उसके परिवार को तुरंत 5 लाख की आर्थिक सहायता दिलवाना सुनिश्चित करने की बात कही।

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