
जयपुर, 26 अगस्त 2025: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 415 अभ्यर्थियों को आजीवन डिबार कर दिया है, जबकि अन्य 109 अभ्यर्थियों को 1 से 5 वर्षों तक के लिए डिबार किया गया है। यह कार्यवाही फर्जी दस्तावेज़, नकल, डमी उम्मीदवार और अन्य अनुचित साधनों के उपयोग जैसे गंभीर मामलों में की गई है।
RPSC आजीवन डिबार सूची 2025
कुल डिबार अभ्यर्थी: 524
आजीवन डिबार: 415
1-5 वर्ष के लिए डिबार: 109
सबसे अधिक डिबार जिले:
जालौर: 128
बांसवाड़ा: 81
डूंगरपुर: 40
RPSC डिबार के प्रमुख कारण:
फर्जी डिग्री/दस्तावेज़:
कुल 157 मामले
इनमें से 126 फर्जी बीएड डिग्री से संबंधित
परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग:
कुल 148 मामले
प्रतिरूपण (डमी उम्मीदवार):
कुल 68 मामले
ब्लूटूथ/मोबाइल के जरिए नकल:
38 मामले
ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र से छेड़छाड़: 62 मामले
अन्य कारण: गलत जानकारी, परीक्षा में व्यवधान आदि – 51 मामले
RPSC जिलेवार और बाहरी राज्यों से भी अभ्यर्थी डिबार:
राजस्थान के 514 अभ्यर्थी
अन्य राज्य:
उत्तर प्रदेश – 5
हरियाणा – 2
बिहार – 1
दिल्ली – 1
मध्य प्रदेश – 1
KYC और ओटीआर (OTR) के नए नियम:
RPSC ने 7 जुलाई 2025 से ई-केवाइसी अनिवार्य कर दिया है।
अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के लिए आधार या जन आधार से सत्यापन जरूरी है।
OTR में रजिस्टर्ड अभ्यर्थी: 69 लाख 72 हजार 618
आधार से सत्यापित: 37.53 लाख
जन आधार से सत्यापित: 21.70 लाख
ई-केवाइसी पूर्ण: सिर्फ 48,667 अभ्यर्थी
फर्जी तलाक प्रमाण पत्र की भी जांच होगी
RPSC सचिव श्री रामनिवास मेहता ने बताया कि तलाकशुदा महिलाओं के लिए आरक्षित कोटे में भी फर्जी डिक्री का उपयोग करने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की जा रही है।
इस तरह के प्रकरणों में जांच एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है, और पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या करें अब?
अपना एसएसओ आईडी और ओटीआर प्रोफाइल ई-केवाइसी से अपडेट करें।
भर्ती नियमों और दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और पालन करें।
यदि आपने किसी परीक्षा में भाग लिया है, तो यह ज़रूर जांचें कि कहीं आपका नाम डिबार सूची में तो नहीं है।



