जैसलमेर, 16 अगस्त 2025।
फतेहगढ़ तहसील के अंतर्गत लक्ष्मणसर गाँव, पोस्ट डांगरी आज अक्षय ऊर्जा और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बना। एमआरएस ग्रीन एनर्जी (MRS Green Energy) ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के तहत 2 मेगावाट एसी ग्रिड कनेक्टेड सोलर पीवी प्लांट का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मंच पर यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल, निदेशक शक्ति सिंह बांदीकुई, सामाजिक उद्यमी एवं परियोजना संचालक राघवेंद्र सिंह शेखावत और मानवेन्द्र सिंह रॉयल सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
बिना पेड़ काटे, सैकड़ों पौधे लगाने की पहल
परियोजना संचालक राघवेंद्र सिंह शेखावत और मानवेन्द्र सिंह शेखावत रॉयल ने कहा इस सोलर पार्क की सबसे खास बात यह रही कि इसके निर्माण में एक भी पेड़ नहीं काटा गया। बल्कि, एमआरएस ग्रीन एनर्जी और UGPF आने वाले समय में सैकड़ों स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाकर इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नया जीवन देने की योजना बना रहे हैं।
मेघराज सिंह रॉयल का संबोधन
UGPF चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने कहा—
“यह सोलर प्लांट केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। राजस्थान की परंपरा—जहाँ पेड़, पशु और प्रकृति का संतुलन जीवन का आधार है—उसे संरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीक अपनाना ही हमारा लक्ष्य है। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से हर गाँव को आत्मनिर्भर और हरित बनाया जाएगा।”

शक्ति सिंह बांदीकुई का वक्तव्य
UGPF निदेशक शक्ति सिंह बांदीकुई ने कहा—
“असली परिवर्तन तभी संभव है जब समुदाय स्वयं जुड़कर जिम्मेदारी ले। लक्ष्मणसर में वृक्षारोपण अभियान स्थानीय परंपराओं जैसे ‘ओरण’ और ‘गोचर’ को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी कदम है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, सुरक्षित जल और हरित वातावरण देने का प्रयास है। UGPF शिक्षा, जल संरक्षण, बालिका विवाह रोकथाम, गौसंरक्षण और ग्रामीण रोजगार जैसे क्षेत्रों में पहले से कार्य कर रहा है, और यह सोलर प्लांट उन सभी प्रयासों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।”

ग्रामीणों का उत्साह और भविष्य की योजनाएँ
ग्रामीणों ने इस पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सोलर प्लांट से बिजली और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही हरियाली से गाँव का वातावरण भी बदलेगा।
समारोह के अंत में वृक्षारोपण कर अभियान की शुरुआत की गई। उपस्थित जनों ने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में यह परियोजना जैसलमेर के लिए हरित क्रांति की आधारशिला बनेगी और साबित करेगी कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक ही राह पर चल सकते हैं।



