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प्रशासनिक अनुभव और टीम वर्क ने बडी चुनौती को जीत में बदला

  • तीन जिलों में फैले मीना समाज के आराध्य गौतम ऋषि महादेव मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद की वजह से नहीं हो पा रहे थे चुनाव
  • चुनाव करवाने के लिए जिला न्यायालय ने डेढ साल में तीन बार बनाई अंतरिम कमेटी, चुनाव होने से पहले की फंस जाता था पेच
  • न्यायालय के आदेश पर उपखंड अधिकारी ने उठाया बीडा, टीम वर्क से किया काम, दस दिन में बिना किसी विवाद के हो गया शांतिपूर्ण चुनाव

शिवगंज। सिरोही-जालोर एवं पाली जिलों के दो लोकसभा क्षेत्र एवं गुजरात के कुछ जिलों में निवास करने वाले लाखों की संख्या में मीना समाज के लोगों के आराध्य गौतम ऋषि महादेव मंदिर के संचालन के लिए बनाए गए ट्रस्ट को लेकर विगत 15 वर्ष से न्यायालय में चल रहे विवाद के कारण ट्रस्ट संचालन समिति के चुनाव नहीं हो पा रहे थे। चुनाव को लेकर न्यायालय की ओर से भी पिछले डेढ साल में तीन बार अंतरिम कमेटी का गठन किया गया।

बावजूद इसके विवाद इस कदर गहराया हुआ था कि चुनाव संभव ही नहीं हो सके। इस बार जिला न्यायालय ने अतिरिक्त जिला कलक्टर के कॉर्डिनेशन और उपखंड अधिकारी शिवगंज की अध्यक्षता में जिस कमेटी का गठन किया उस कमेटी ने अपने प्रशासनिक अनुभव एवं टीम वर्क की बदौलत मात्र दस दिन में सारी चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कर न केवल तीनों जिलों के तीस परगनों में सदस्यों के शांतिपूर्ण चुनाव संपन करवाए, बल्कि अध्यक्ष पद का भी निर्वाचन करवा एक बडी चुनौती जिसे शायद मीना समाज भी असंभव मान रहा था उसे सफलता के शिखर तक पहुंचाया। इसके लिए मीना समाज ने भी उपखंड अधिकारी सहित पूरी टीम को साधुवाद दिया।


गौरतलब है कि पोसालिया से दस किलोमीटर की दूरी पर चोटिला के समीप िस्थत सदियों पुराने गौतम ऋषि महादेव मंदिर जहां बताया जाता है कि स्वयंभू शिवलिंग स्थापित है। यह स्थान मीना समाज का सबसे बडा आराध्य स्थल है। इस स्थान पर वर्ष में एक बार चमत्कारिक रूप से गंगा का आगमन होता है। इस दौरान तीन दिन तक समाज का विशाल मेला आयोजित होता है। जिसमें मीना समाज के प्रत्येक परगने से लाखों की संख्या में लोग शिरकत करते है।

इस मेले का आयोजन गौतम ऋषि ट्रस्ट की ओर से होता है। लेकिन पिछले 15 वर्ष से इस ट्रस्ट के दो पक्षों के बीच जिला न्यायालय में विवाद चल रहा है। इस वजह से ट्रस्ट के चुनाव नहीं हो पा रहे। इन वर्षो में कोर्ट की ओर से उपखंड अधिकारी को ट्रस्ट संचालन के लिए संरक्षक नियुक्त कर रखा था।


डेढ साल से चल रही थी चुनाव की कोशिश
हालाकि जिला न्यायालय की ओर से पिछले डेढ वर्ष में तीन बार अंतरिम कमेटियों का गठन कर चुनाव की कोशिश की गई मगर ये कोशिशें दोनों पक्षों के विवाद की वजह से नाकाम ही साबित हुई। हाल ही में 7 मार्च को जिला न्यायालय ने पूर्व में बनाई गई अंतरिम कमेटी को निरस्त कर उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर के कॉर्डिनेशन में कमेटी का गठन कर चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी। इसके लिए इस कमेटी ने 17 मार्च को न्यायालय में चुनाव का प्लान प्रस्तुत किया जिसे कोर्ट की ओर से मंजूरी मिलने के दस दिन में ट्रस्ट मंडल के चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन हो गए।


असंभव था मगर चुनौती को स्वीकार किया
उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र ने बताया कि कोर्ट से चुनाव की जिम्मेदारी मिलने के बाद ट्रस्ट के विधान के अनुसार हालाकि तीन जिलों में निवास करने वाले मीना समाज के सदस्यों के चुनाव करवा अध्यक्ष के चुनाव करवाना असंभव सा था, मगर इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। इसकी वजह यह थी कि चुनाव को लेकर समाज में बिखराव की वजह से झगडा फसाद की संभावना अधिक थी। मगर कमेटी में शामिल अधिकारियों के प्रशासनिक अनुभव और टीम वर्क की बदौलत पहले समाज के भीतर रायशुमारी करवाई गई तब यह पता चला कि समाज चुनाव के पक्ष में है, ऐसे में हौसला ओर भी बढ गया।

इसके बाद अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला के कॉर्डिनेशन में गठित टीम ने पीछे मुडकर नहीं देखा। इस कार्य में तहसीलदार श्यामसिंह चारण उपखंड अधिकारी के साथ सारथी के रूप में हर समय मौजूद दिखे। टीम वर्क और अनुभव का ही परिणाम रहा कि इस चुनौती को बिना किसी विवाद के सफलता के शिखर तक पहुंचाया गया। शांतिपूर्ण चुनाव के बाद अब नया ट्रस्ट मेले की सारी व्यवस्थाओं को अंजाम देगा। जिसमें किसी भी तरह से प्रशासनिक दखल नहीं होगा।

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