- ACB की छापेमारी: राजस्थान में एसीबी ने JDA इंजीनियर अविनाश शर्मा के ठिकानों पर कार्रवाई की।
- 13 लाख रुपये कैश: तलाशी में 13 लाख रुपये नकद, 150 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद हुए।
- 100+ संपत्तियों के दस्तावेज: जांच में 100 से अधिक संपत्तियों के कागजात सामने आए, जो भ्रष्टाचार का बड़ा संकेत हैं।

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में संपत्ति और नकदी जब्त की है। तलाशी के दौरान 13 लाख रुपये नकद, 150 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के आभूषण के साथ-साथ 100 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। इसके अलावा, ACB ने शर्मा के दो बैंक लॉकर का भी पता लगाया, जिन्हें अभी खोला जाना बाकी है।
250% से अधिक आय से संपत्ति अर्जित करने का आरोप
ACB की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियंता अविनाश शर्मा ने सरकारी सेवा में रहते हुए अपनी वैध आय से 250% से अधिक की संपत्ति अर्जित की है। उनके पास जयपुर और अन्य स्थानों पर कई कॉलोनियों में बेशकीमती भूखंड और संपत्तियां हैं। अविनाश शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान गृह निर्माण समितियों और बिल्डर्स को लाभ पहुंचाने के बदले अत्यंत कम दरों पर कीमती जमीनें हासिल कीं।
7 बैंक खातों में 30 लाख से अधिक जमा
तलाशी में अविनाश और उनके परिवार के कुल 7 बैंक खातों में 30 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि का पता चला है। इसके साथ ही, शर्मा ने शेयर बाजार में 1 करोड़ 34 लाख रुपये का निवेश भी कर रखा है। महंगे निजी संस्थानों में बच्चों की शिक्षा पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी मिली है।
भविष्य में और बड़े खुलासे संभव
ACB अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और बैंक लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा रही है। शर्मा के दो बैंक लॉकर अभी खोले जाने बाकी हैं, जिनसे और भी अधिक संपत्ति मिलने की संभावना है। फिलहाल, ACB की कार्रवाई जारी है और आगे की जांच से बड़े खुलासे हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार का गढ़ बन रहा JDA?
इस कार्रवाई ने एक बार फिर JDA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ACB का कहना है कि वे मामले की तह तक जाएंगे और अवैध संपत्तियों को जब्त करने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
यह मामला सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है। अभियंता अविनाश शर्मा के खिलाफ ACB की यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी बन सकती है।