- अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश, 270 लोगों की मौत।
- ब्लैक बॉक्स के दोनों हिस्से (CVR और FDR) आग से बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
- देश में डेटा रिकवरी की सुविधा न होने के कारण ब्लैक बॉक्स अमेरिका भेजा जाएगा।
- गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने 211 मृतकों की पहचान और 189 शव परिवारों को सौंपे जाने की पुष्टि की।

12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हुए एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का ब्लैक बॉक्स अब अमेरिका भेजा जा रहा है। हादसे में कुल 270 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री विमान में सवार थे। एकमात्र जीवित यात्री की हालत स्थिर बताई जा रही है।
ब्लैक बॉक्स हादसे के अगले दिन ही मलबे से बरामद कर लिया गया था, लेकिन आग और अत्यधिक तापमान के चलते उसका कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। भारत में इस स्तर की डेटा रिकवरी की सुविधा न होने के कारण अब इसे अमेरिकी जांच एजेंसी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की लैब भेजा जाएगा। जांच के दौरान भारतीय अफसर भी मौजूद रहेंगे ताकि डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ब्लैक बॉक्स को लेकर आम धारणा है कि इसका रंग काला होता है, लेकिन असल में यह नारंगी होता है ताकि मलबे में आसानी से देखा जा सके। ‘ब्लैक बॉक्स’ नाम संभवतः इसलिए प्रचलित हुआ क्योंकि हादसे के बाद यह अक्सर जलकर काला हो जाता है।
शवों की पहचान जारी, 211 डीएनए मैच
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया कि अब तक 211 मृतकों की पहचान डीएनए जांच से हो चुकी है, और इनमें से 189 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में शवों की पहचान का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अब तक सौंपे गए शवों में 131 भारतीय, 30 ब्रिटिश, 4 पुर्तगाली, 1 कनाडाई नागरिक और 6 गैर-यात्री शामिल हैं। हादसे में घायल हुए 71 लोगों में से अब केवल 7 अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी को छुट्टी दे दी गई है।
एअर इंडिया घटाएगी 15% अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
AI-171 हादसे के महज छह दिन बाद एअर इंडिया ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 20 जून से जुलाई मध्य तक 15% अंतरराष्ट्रीय वाइडबॉडी उड़ानें अस्थायी रूप से कम करेगी। इसका उद्देश्य बेड़े की तकनीकी जांच और सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता देना है।
एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की सुविधा दी जाएगी या फिर उनका पूरा किराया वापस किया जाएगा। यह कदम अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
जवाबों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय जांच
इस भीषण हादसे की वजह अभी तक सामने नहीं आई है, और ब्लैक बॉक्स डेटा ही इस सवाल का एकमात्र ठोस जरिया है। ऐसे में अमेरिका भेजा गया रिकॉर्डर शायद वो सुराग दे सके, जो अब तक जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है। देश की निगाहें अब उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-171 की उड़ान भरते ही मौत की उड़ान कैसे बन गई।



