- किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए पानी की मांग करते हुए एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
- किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी तो एसडीएम कार्यालय का कामकाज बाधित कर देंगे।

श्रीगंगानगर: किसानों ने सिंचाई पानी की मांग को लेकर घडसाना एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसानों की मांग है कि उनकी गेहूं, चना और जौ की फसलों के लिए दो बार सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए। किसान नेता सुनील गोदारा का कहना है कि फसलें पकने की स्थिति में हैं और समय पर पानी नहीं मिलने से नुकसान होने का खतरा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद मेघवाल ने सरकार के 1 फरवरी को सिंचाई पानी बंद करने के फैसले की निंदा की। उन्होंने कहा कि डैम में 1308 क्यूसेक पानी उपलब्ध है, जबकि इससे कम पानी की स्थिति में भी पहले सिंचाई के लिए पानी दिया गया था। इस आंदोलन में रावला, घडसाना, अनूपगढ़, पूगल, दंतोर और खाजूवाला के किसान शामिल हुए हैं।
एसडीएम कार्यालय का कामकाज ठप करने की चेतावनी
किसान नेता सत्यप्रकाश सियाग ने भाजपा पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो एसडीएम कार्यालय का कामकाज बाधित कर देंगे। इस दौरान, गोविंद मेघवाल ने भी आश्वासन दिया कि वे किसानों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, चाहे इसके लिए जेल जाना पड़े।
सरकार ने नहरों में पानी रोककर अन्याय किया- विधायक
वहीं, विधायक शिमला नायक ने महापड़ाव में कहा कि सरकार ने नहरों में पानी रोककर किसानों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने इसे किसानों के पेट की लड़ाई करार देते हुए कहा कि इसे मिलकर लड़ा जाएगा। महापड़ाव के दौरान अन्य किसान नेताओं ने भी अपने विचार साझा किए। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में आठ थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है।