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सरेंडर के बाद 9 घंटे में अस्पताल पहुंचे आसाराम, क्या बढ़ेगी जमानत? हाई कोर्ट में दोपहर बाद सुनवाई

  • जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के 9 घंटे बाद आसाराम की तबीयत बिगड़ गई, देर रात करीब 11 बजे आरोग्यम अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
  • राजस्थान हाई कोर्ट में आज दोपहर बाद आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। वकीलों ने गुजरात हाई कोर्ट की मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है।
Asaram Hospitalized After Surrender - Rajasthan Top News | FirstRajasthan.com

जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के करीब 9 घंटे बाद आसाराम की तबीयत अचानक खराब हो गई। पुलिस ने मंगलवार रात करीब 11 बजे सुरक्षा के बीच उसे आरोग्यम अस्पताल में भर्ती करवाया।

इस समय भी आसाराम अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है। फिलहाल उसकी तबीयत बिगड़ने की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन सरेंडर के दौरान उसके पैर में प्लास्टर बंधा देखा गया था, जो अस्पताल में भर्ती होने का एक कारण हो सकता है।

दोपहर बाद जमानत याचिका पर सुनवाई

राजस्थान हाई कोर्ट में आज दोपहर लंच के बाद आसाराम की जमानत अवधि बढ़ाने को लेकर याचिका पर सुनवाई होगी। आसाराम के वकीलों ने वही मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है, जिसके आधार पर गुजरात हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कुछ दिन पहले उसे तीन महीने की अतिरिक्त जमानत दी थी।

आसाराम दो राज्यों में अलग-अलग दुष्कर्म मामलों में दोषी ठहराया गया है, इसलिए उसे जेल से बाहर रहने के लिए दोनों राज्यों के हाई कोर्ट से जमानत लेनी पड़ती है। अगर राजस्थान हाई कोर्ट से उसे राहत मिलती है, तो वह जेल से बाहर रहकर अपना इलाज करवा सकेगा, अन्यथा उसे जेल में ही रहना होगा और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प रहेगा।

मौलिक अधिकारों का दिया हवाला

आसाराम ने अपनी जमानत अवधि बढ़ाने के लिए गुजरात हाई कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट के साथ-साथ मौलिक अधिकारों का भी हवाला दिया है। उसने कोर्ट में तर्क दिया कि उसकी उम्र 86 साल है और 75-80 वर्ष की आयु के बाद किसी भी व्यक्ति के लिए इनवेसिव सर्जरी सहन करना मुश्किल हो जाता है।

उसने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों को भी स्वास्थ्य संबंधी अधिकार प्राप्त हैं और यदि कोई व्यक्ति इलाज की आवश्यकता महसूस करता है, तो उसे यह सुविधा दी जानी चाहिए।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित है आसाराम

जोधपुर एम्स द्वारा कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित है और वह “हाई रिस्क” श्रेणी में आता है। रिपोर्ट में बताया गया कि उसे विशेष नर्सिंग देखभाल, नियमित चिकित्सकीय निगरानी और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट व नेफ्रोलॉजिस्ट की काउंसलिंग की आवश्यकता है।

आसाराम के वकील का कहना है कि कई विशेषज्ञों ने उसकी जांच की है और सभी की रिपोर्ट में यह स्पष्ट है कि उसकी स्थिति गंभीर और घातक है। वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आसाराम को चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत है और उसके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जमानत अवधि बढ़ाई जानी चाहिए।

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