- राजस्थान के ब्यावर में नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के मामले ने बड़े आंदोलन का रूप लिया।
- 1 मार्च को अजमेर बंद के आह्वान के साथ ही सुरक्षा और प्रदर्शन की तैयारियां तेज हो गई हैं।

बिजयनगर के इस मामले को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों और व्यापारिक संघों ने 1 मार्च को अजमेर बंद का आह्वान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए सकल हिंदू समाज और अन्य संगठनों ने व्यापक तैयारियां की हैं। इससे पहले, शुक्रवार को एक विशाल वाहन रैली आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने रैली में आरोपियों को फांसी देने और उत्तर प्रदेश के योगी मॉडल को राजस्थान में लागू करने की मांग की। साथ ही, महिलाओं ने अग्रसेन स्कूल के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ करते हुए प्रशासन से त्वरित न्याय की अपील की।
आरोपियों को जल्द फांसी देने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए। जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं।
अजमेर बंद के दौरान सख्त सुरक्षा व्यवस्था
अजमेर बंद के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित कर रूट मार्किंग की योजना बनाई है। साथ ही, आम जनता से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।