- प्रमुख नेताओं की गैरहाजिरी ने आयोजन को विफल किया।
- दलपत पुरोहित के भाजपा में स्वीकृति पर सवाल उठे।

सिरोही जिले के मंडवारिया गांव में भाजपा जिलाध्यक्षों के सम्मान में आयोजित एक बड़े समारोह में सभी प्रमुख अतिथियों और सम्मानित नेताओं की गैरमौजूदगी ने कार्यक्रम को असफल बना दिया। यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत मंडवारिया के पूर्व सरपंच दलपत राजपुरोहित ने अपनी राजनीतिक छवि को मजबूत करने के लिए आयोजित किया था।
सम्मान समारोह में सभी प्रमुख नेता अनुपस्थित
आयोजन में सिरोही और जालोर के नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी और जसराज पुरोहित समेत राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुंबाराम चौधरी और कई अन्य विधायकों व पदाधिकारियों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। लेकिन किसी ने भी समारोह में शिरकत नहीं की।
प्रचार में नहीं छोड़ी कोई कमी, फिर भी असफलता
कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए बड़े पैमाने पर पोस्टर, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। बावजूद इसके, सम्मानित अतिथि और नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। केवल कैलाशनगर और बरलूट मंडल अध्यक्ष पहुंचे, लेकिन स्थिति को देखते हुए जल्दी चले गए।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि दलपत पुरोहित के कांग्रेस से जुड़े होने की पुरानी छवि के चलते भाजपा नेताओं ने इस आयोजन से दूरी बनाई। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार संयम लोढ़ा के करीबी रहे दलपत, अब खुद को भाजपाई साबित करने का प्रयास कर रहे हैं।
कार्यक्रम में पुरोहित समाज के सबसे बड़े संत आसोतरा के गादीपति तुलसाराम महाराज का सानिध्य भी था। इसके बावजूद, भाजपा के कोर वोटरों ने इस आयोजन में कोई रुचि नहीं दिखाई।
आयोजक दलपत पुरोहित ने मीडिया से कहा– यह कार्यक्रम सभी अतिथियों की सहमति से आयोजित किया गया था। उन्होंने व्यक्तिगत और फोन पर संपर्क कर सभी को आमंत्रित किया था। लेकिन, सभी ने कार्यक्रम में क्यों नहीं आने का निर्णय लिया, यह वे ही बता सकते हैं।