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अजमेर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन: डॉक्टर बोला- मुझे जबरदस्ती बाहर निकाला, बच्चे घर में ही थे और अचानक चला दिया बुलडोजर

  • अजमेर के पंचशील क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद उत्पन्न।
  • डॉक्टर कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को जबरदस्ती घर से बाहर निकाला गया।
  • भूखंड संख्या A-57 पर हुए निर्माण से जुड़ा विवाद, 2021 में हुआ था जमीन का सौदा।
Bulldozer Action in Ajmer, Doctor Claims Forced Eviction Amid Demolition

अजमेर के पंचशील क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई विवादों में घिर गई है। अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला भूखंड संख्या A-57 से जुड़ा है, जहां चिकित्सक डॉ. कुलदीप शर्मा ने दावा किया है कि उनके घर को बिना उचित नोटिस दिए गिरा दिया गया। उनका कहना है कि जब बुलडोजर चला, तब उनके नाबालिग बच्चे घर के अंदर थे।

इस विवादित भूखंड का सौदा 2 नवंबर 2021 को हुआ था, जब नितिन दरगड़ ने इसे नीलामी में खरीदा। लेकिन गलती से भूखंड में 90 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि भी शामिल हो गई। जब दरगड़ ने भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया, तो अजमेर विकास प्राधिकरण को इस त्रुटि का पता चला और उन्होंने अनुमति देने से इनकार कर दिया।

17 मार्च को जारी किया गया अतिक्रमण हटाने का आदेश

14 फरवरी 2025 को एडीए ने भूखंड पर बिना स्वीकृति निर्माण करने को लेकर नितिन दरगड़ को नोटिस जारी किया। जवाब में दरगड़ ने निर्माण को नियमों के तहत होने का दावा किया, लेकिन प्राधिकरण संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद 17 मार्च को अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया। इसी आदेश के तहत गुरुवार को एडीए की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची।

चिकित्सक के आरोप: “बिना नोटिस के तोड़ा घर”

डॉ. कुलदीप शर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनका मकान गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि जब जेसीबी से कार्रवाई की जा रही थी, तब उनके बच्चे घर में पढ़ाई कर रहे थे। उन्हें जबरदस्ती घर से बाहर निकाला गया और मारपीट भी की गई।

राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने किया प्रदर्शन

इस कार्रवाई के खिलाफ राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। महासभा के अध्यक्ष पंडित सुदामा शर्मा ने इसे प्रशासनिक अराजकता करार देते हुए दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।

निजी अस्पतालों की सेवाएं रहेंगी बंद

घटना के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन जताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पंकज तोषनीवाल ने बताया कि शुक्रवार को सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी और आईपीडी बंद रहेंगी। चिकित्सक जेएलएन अस्पताल के सामने एकत्र होकर अपनी आगामी रणनीति तय करेंगे।

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