- जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में कैंसर की वैक्सीन बना कर ट्रायल किया जाएगा।
- वर्ल्ड कांग्रेस ऑन ट्रांसलेशनल कैंसर रिसर्च एंड इम्युनोथेरेपी कॉन्फ्रेंस में

जयपुर: महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, जयपुर में कैंसर की वैक्सीन पर रिसर्च और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी कदम की ओर बढ़ते हुए, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) ने कॉलेज को डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन विकसित करने की अनुमति दी है।
डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन: तीन प्रमुख प्रकार के कैंसर पर फोकस
कॉलेज के श्रीराम कैंसर सेंटर के डायरेक्टर और वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. हेमंत मल्होत्रा ने बताया कि यह वैक्सीन गॉल ब्लैडर, हेड एंड नेक कैंसर, और ओवेरियन कैंसर के उपचार में उपयोगी होगी। डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, यह देश का पहला मेडिकल कॉलेज है, जिसे कैंसर वैक्सीन के निर्माण की अनुमति दी गई है।
कैंसर रिसर्च पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में “वर्ल्ड कांग्रेस ऑन ट्रांसलेशनल कैंसर रिसर्च एंड इम्युनोथेरेपी” का चौथा संस्करण आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 14 राज्यों और 22 संस्थानों के कैंसर शोधकर्ता और नौ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। पहले दिन प्रोफेसर रॉबर्ट क्लार्क, डॉ. नीना भारद्वाज, और अन्य विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव साझा किए।

कैंसर के बढ़ते कारण: लाइफस्टाइल और वायरस
विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण लाइफस्टाइल और हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आना है। तंबाकू, सिगरेट, शराब और रेडिएशन जैसे कारक कैंसर का खतरा बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा, कुछ वायरस, जैसे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) और हेपेटाइटिस वायरस (A और B), भी कैंसर फैलाने में भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि वायरस इंफेक्शन के जरिए भी कैंसर बढ़ रहा है। बचाव के तौर पर हमें बच्चों को हेपेटाइटिस तथा बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगानी चाहिए। कार्यक्रम में चेयरमैन डॉ. विकास सी. स्वर्णकार, संस्थापक डॉ एम एल स्वर्णकार तथा वाइस चांसलर डॉ अचल गुलाटी सहित देश विदेश से कैंसर विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

रूस की सफलता: कैंसर वैक्सीन विकसित की
रूस ने कैंसर वैक्सीन बनाने में सफलता का दावा किया है। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर आंद्रेई कप्रीन ने नवंबर 2024 में जानकारी दी थी कि उन्होंने mRNA तकनीक पर आधारित एक वैक्सीन विकसित की है, जो ट्यूमर के विकास को रोकने में मदद करती है।