- सिरोही के कालंद्री थाने में कॉन्स्टेबल करण मीणा ने होली के दिन नशे में युवकों के साथ दुर्व्यवहार किया।
- कॉन्स्टेबल ने युवकों को जबरन शराब पिलाने की कोशिश की और इनकार करने पर पुलिस जीप में थाने ले गया।
- थाने में तीन घंटे तक बंद रखकर मारपीट और गाली-गलौच की।

सिरोही: कानून के रक्षक जब खुद ही कानून तोड़ने लगें, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जाए? ऐसा ही एक मामला राजस्थान के सिरोही जिले में सामने आया है, जहां कालंद्री थाने के कांस्टेबल करण मीणा ने अपनी वर्दी का दुरुपयोग करते हुए युवकों के साथ बदसलूकी की।
युवकों को जबरन शराब पिलाने की कोशिश
होली के दिन कांस्टेबल करण मीणा शराब के नशे में धुत्त होकर सिरोही जिले के मोहब्बतनगर क्षेत्र में घूम रहा था। आरोप है कि उसने पूनक खुर्द जसवंतपुरा के रहने वाले दो युवकों—शिवसिंह और पूरणसिंह को शराब की दुकान के पास बुलाया और जबरन शराब पिलाने की कोशिश की। जब युवकों ने इसका विरोध किया, तो कांस्टेबल आग-बबूला हो गया। उसने थाने से पुलिस जीप बुलवाई और दोनों युवकों को जबरन उसमें डालकर थाने ले गया।
थाने में तीन घंटे तक युवकों को हिरासत में रखा गया। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच की गई और मारपीट भी हुई। कांस्टेबल ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने यह बात किसी को बताई, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
शराब ठेके पर जबरदस्ती ली फ्री में बोतल
घटना के दौरान कांस्टेबल करण मीणा की एक और हरकत सामने आई। उसने शराब ठेके पर जाकर सेल्समैन से मुफ्त में शराब की बोतल मांगी। जब सेल्समैन ने परिचय पूछते हुए शराब देने से मना किया, तो कांस्टेबल ने ठेकेदार को फोन कर खुद को “बीट कांस्टेबल” बताते हुए दबाव डाला। इसके बाद उसे मुफ्त में शराब की बोतल दी गई। यह पूरा घटनाक्रम पीड़ित युवकों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें कांस्टेबल को अपनी वर्दी की धौंस जमाते हुए साफ देखा जा सकता है।
पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत
इस पूरी घटना के बाद शिवसिंह और पूरणसिंह ने सिरोही पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर मामले की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 15 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे वे मोहब्बतनगर सब्जी लेने आए थे। वहां शराब के नशे में धुत्त कांस्टेबल ने उन्हें बुलाकर जबरदस्ती शराब पिलाने की कोशिश की और मना करने पर पुलिस जीप मंगवाकर थाने ले गया। वहां उन्हें घंटों तक प्रताड़ित किया गया और फिर धमकाकर छोड़ दिया गया।
पीड़ितों ने अपनी शिकायत के साथ कांस्टेबल की करतूत का वीडियो भी एसपी को सौंपा है और आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या होगी कार्रवाई?
अब देखना यह होगा कि पुलिस विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या फिर यह मामला अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा? पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच और कठोर दंड की मांग की है ताकि भविष्य में वर्दी की आड़ में कोई कानून से खिलवाड़ न कर सके।